सामने आया सच, 9 फरवरी की रात को जेएनयू में नहीं लगे थे देश विरोधी नारे
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देश की सियासत और छात्र राजनीति को हिला देने वाले जेएनयू की 9 फरवरी की घटना में एक खुलासा हुआ है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन से देश विरोधी नारे लगाए जाने की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
इसके अलावा तमाम साक्ष्यों के आधार पर जेएनयू के पास इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है कि जांच में दोषी पाए किन-किन छात्रों ने कौन से देश विरोधी नारे लगाए। अमर उजाला को यह जानकारी आरटीआई के तहत जेएनयू के चीफ प्रॉक्टर ऑफिस से 20 जुलाई को मिली।
जेएनयू प्रशासन से 16 जून को आरटीआई के माध्यम से 9 फरवरी की घटना के बारे जानकारी मांगी गई थी। आरटीआई में पूछा गया था कि 9 फरवरी की घटना में जेएनयू की उच्च स्तरीय जांच कमेटी ने किन-किन साक्ष्यों के आधार पर छात्रों को दोषी पाया और किस छात्र ने कौन से देश विरोधी नारे लगाए।
इस बारे में जेएनयू के चीफ प्रॉक्टर ऑफिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मौजूद गवाह और कार्यक्त्रस्म के आयोजकों से पूछताछ के आधार कन्हैया कुमार, उमर खालिद समेत 21 छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। जबकि चीफ प्रॉक्टर के पास देश विरोधी नारे लगाए जाने का कोई ब्यौरा नहीं है।
जिन चेहरा ढके हुए छात्रों को वीडियो में दिखाया गया था जेएनयू के पास नहीं उनका ब्यौरा
आरटीआई से यह भी पता चला कि जिन चेहरा ढके हुए छात्रों को वीडियो में दिखाया गया था उसका भी कोई ब्योरा जेएनयू प्रशासन के पास नहीं है और न ही प्रशासन ने इनकी जानकारी लेने के लिए कोई कदम उठाया।
इससे संबंधित रिपोर्ट जेएनयू की उच्च स्तरीय जांच कमेटी ने थाना वसंत कुंज (उत्तर) को 29 अप्रैल को सौंप दी थी। 9 फरवरी की घटना की जांच के लिए जेएनयू ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन 11 फरवरी को किया था। हालांकि रिपोर्ट की जानकारी जेएनयू प्रशासन ने मानव संसाधान मंत्रालय से साझा नहीं की।
गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में 9 फरवरी को कुछ छात्रों ने प्रशासन से सांस्कृतिक कार्यक्त्रस्म के आयोजन की अनुमति ली थी। इस कार्यक्त्रस्म में देश विरोधी नारे लगाए जाने के कुछ वीडियो सामने आए, जिसमें कुछ नकाबपोश छात्र नारे लगाते नजर आ रहे थे।
इस मामले की जेएनयू ने अपने स्तर पर जांच शुरू की। लेकिन दिल्ली पुलिस ने जांच रिपोर्ट आने के पहले ही जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और कुछ अन्य छात्रों को गिरफ्तार किया। हालांकि इन्हें बाद में कोर्ट से बेल मिल गई।