फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   In 10 lines of its verdict supreme court tell lieutenant governor baijal that his rights are limited

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उपराज्यपाल को लगा बड़ा झटका, इन 10 लाइनों में तय कर दिए अधिकार

Wed, 04 Jul 2018 01:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 04 Jul 2018 01:46 PM IST
विज्ञापन
In 10 lines of its verdict supreme court tell lieutenant governor baijal that his rights are limited
उपराज्यपाल को झटका

आज देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में लंबे समय से चल रही अधिकारों की जंग को लेकर फैसला सुनाया। इस फैसले से यह साफ हो गया है कि अदालत ने कुछ शर्तों के साथ मुख्यमंत्री को ही दिल्ली का बॉस माना है।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया है जिसमें उपराज्यपाल को दिल्ली का बॉस बताया गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आज के फैसले में कहा है कि उपराज्यपाल को कैबिनेट की सलाह पर काम करना होगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपनी अन्य टिप्पणियों से उपराज्यपाल का अधिकार क्षेत्र तय कर दिया है। पढ़ें कोर्ट ने अपने फैसले में एलजी को क्या-क्या अधिकार दिए हैं-
विज्ञापन


-उपराज्यपाल अनिल बैजल को स्वतंत्र फैसले लेने का अधिकार नहीं है और वह मंत्री परिषद की सलाह पर काम करने के लिए बाध्य हैं।

-चीफ जस्टिस मिश्रा ने अपनी टिप्पणी में कहा कि एलजी चुनी हुई सरकार के काम में अड़ंगा नहीं डाल सकते।

-अदालत ने ये भी कहा कि चुनी हुई सरकार को अपने हर फैसले से एलजी को अवगत कराना जरूरी है लेकिन ऐसा नहीं है कि हर बारे में उनकी राय लेनी जरूरी है।

पढ़ें सभी अधिकार

In 10 lines of its verdict supreme court tell lieutenant governor baijal that his rights are limited

-लैंड, लॉ और ऑर्डर को छोड़कर दिल्ली सरकार को हर मुद्दे पर कानून बनाने का हक होगा।

-एलजी को मैकेनिकल तौर पर काम नहीं करना चाहिए और हर मामले में अड़चन पैदा नहीं करनी चाहिए।

-एलजी को फैसले लेने की स्वतंत्र शक्ति नहीं है और वह किसी मामले में अपना विरोध प्रकट कर सकते हैं और उसे राष्ट्रपति तक भी ले जा सकते हैं लेकिन हर मामले को राष्ट्रपति तक नहीं ले जा सकते। जब तक कि वो मामला कोई अपवाद न हो। राष्ट्रपति तक ले जाने से पहले उन्हें अपना विवेक इस्तेमाल कर उसे सुलझाने की कोशिश करनी होगी और जब मामला ज्यादा बड़ा हो तो राष्ट्रपति तक उसे ले जा सकते हैं।

-एलजी को मंत्री परिषद के साथ सौहार्द से काम करना होगा।

सभी रूटीन मामलों को एलजी तक ले जाना जरूरी नहीं

In 10 lines of its verdict supreme court tell lieutenant governor baijal that his rights are limited
kejriwal and baijal
-जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि सत्ता की असली शक्ति मंत्री परिषद में निहित होगी और एलजी को यह ध्यान रखना होगा कि वो नहीं बल्कि मंत्री परिषद ही सभी फैसले लेंगे।

-अदालत ने कहा कि एलजी को याद रखना चाहिए कि मंत्री परिषद जनता के प्रति जवाबदेह है। ऐसे में एलजी को कोई भी स्वतंत्र फैसला लेने की शक्ति नहीं है।

-सभी रूटीन मामलों को एलजी को बताना या उन तक ले जाना जरूरी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed