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आईआईएमटी छात्रों ने बनाई पहली स्वदेशी स्मार्ट दिव्यांग व्हील चेयर, बाधा भांप बदल लेगी रास्ता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Tue, 17 Jul 2018 09:29 PM IST
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फाइल फोटो
नॉलेज पार्क-3 स्थित आईआईएमटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्रों ने स्वदेशी तकनीक एवं कम लागत में भारत की पहली स्मार्ट दिव्यांग व्हील चेयर बनाई है। यह आवाज को टेक्स्ट में कन्वर्ट करेगी और उस टेक्स्ट के आधार पर कंट्रोलर निर्देश का पालन करेगा।
उपयोग की तकनीक और यंत्र भी पूर्ण स्वदेशी हैं। प्रोजेक्ट सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है। इसमें प्रोफेशनल अल्ट्रासोनिक सेंसर का प्रयोग किया गया है जो सामने आने वाली बाधा को पहले से भांपकर उसकी सूचना देगा। इसके बाद व्हील चेयर वहीं रुक जाएगी और अपना रास्ता बदल लेगी।
इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर राजीव कुमार ने बताया कि छात्रों ने 16 महीने की कड़ी मेहनत के बाद इसे तैयार किया है। इसमें जॉय स्टिक की जगह टीएफटी टच स्क्रीन का प्रयोग किया गया है जिससे इसका प्रयोग करने में सुविधा होगी।
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टीएफटी में जीयूआई (ग्राफिक यूजर इंटरफेस) की मदद से स्लाइडर बनाया गया है, जिससे स्पीड एवं दिशा को कंट्रोल किया जा सकता है। टीएफटी टच स्क्रीन पर ही बैटरी स्टेटस भी दिखता रहता है।
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उपयोग की तकनीक और यंत्र भी पूर्ण स्वदेशी हैं। प्रोजेक्ट सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है। इसमें प्रोफेशनल अल्ट्रासोनिक सेंसर का प्रयोग किया गया है जो सामने आने वाली बाधा को पहले से भांपकर उसकी सूचना देगा। इसके बाद व्हील चेयर वहीं रुक जाएगी और अपना रास्ता बदल लेगी।
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इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर राजीव कुमार ने बताया कि छात्रों ने 16 महीने की कड़ी मेहनत के बाद इसे तैयार किया है। इसमें जॉय स्टिक की जगह टीएफटी टच स्क्रीन का प्रयोग किया गया है जिससे इसका प्रयोग करने में सुविधा होगी।
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टीएफटी में जीयूआई (ग्राफिक यूजर इंटरफेस) की मदद से स्लाइडर बनाया गया है, जिससे स्पीड एवं दिशा को कंट्रोल किया जा सकता है। टीएफटी टच स्क्रीन पर ही बैटरी स्टेटस भी दिखता रहता है।
इस तरह के व्हील चेयर की बाजार में कीमत दो से 2.5 लाख रुपये है जबकि आईआईएमटी के छात्रों द्वारा बनाए गए स्मार्ट दिव्यांग व्हील चेयर की लागत मात्र 20 हजार रुपये है।
प्रोफेसर एसके महाजन एवं प्रोफेसर राजीव कुमार के निर्देशन में इसे निर्भय तिवारी, नितिन एवं निश्चल और उनकी टीम ने 16 महीने के कठिन परिश्रम से तैयार किया है।
कॉलेज समूह के प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल ने कहा कि स्मार्ट दिव्यांग व्हील चेयर बनाने वाले सभी छात्र बधाई के पात्र हैं। उन्होंने इसके लिए मेहनत और कठिन परिश्रम किया।
प्रोफेसर एसके महाजन एवं प्रोफेसर राजीव कुमार के निर्देशन में इसे निर्भय तिवारी, नितिन एवं निश्चल और उनकी टीम ने 16 महीने के कठिन परिश्रम से तैयार किया है।
कॉलेज समूह के प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल ने कहा कि स्मार्ट दिव्यांग व्हील चेयर बनाने वाले सभी छात्र बधाई के पात्र हैं। उन्होंने इसके लिए मेहनत और कठिन परिश्रम किया।