सावधान! पालतू जानवर रखना है तो इन नियमों का करना होगा पालन
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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर और सोसायटी निवासियों को अपने घर पर पालतू जानवर रखना आसान नहीं होगा। अगर उनको पालतू जानवर रखना है तो फिर प्राधिकरण के नियमों का पालन करना होगा।
अन्यथा प्राधिकरण पालतू जानवर रखने नहीं देगा। यहीं नहीं, अब म्यूजिक सिस्टम व टीवी की तेज आवाज से किसी को परेशान भी नहीं कर सकेंगे। घर का कूड़ा भी बाहर नहीं फेंक सकेंगे।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सेक्टर और सोसायटियों की आरडब्ल्यूए को मान्यता देने जा रहा है। उससे पहले आरडब्ल्यूए का बायलॉज तैयार किया है। बायलॉज में पालतू जानवर को लेकर होने वाले विवादों को भी ध्यान में रखा गया है।
प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि अगर पालतू जानवर रखना है, तो फिर स्वच्छता उपविधियों और नियमों का पालन करना होगा। अन्यथा पालतू जानवर रखने नहीं दिया जाएगा।
वहीं सेक्टर के हर निवासी को रेडियो, टेलीविजन, म्यूजिक सिस्टम आदि का उपयोग करने में सावधानी बरतनी होगी। उनकी आवाज से आसपास के लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, अभी यह तय नहीं किया है कि कार्रवाई क्या होगी।
घर में रखना होगा डस्टबिन
आरडब्ल्यूए बायलॉज के तहत सेक्टर या सोसायटी में खुले में कूड़ा फेंकने पर पूर्णत: प्रतिबंद्ध होगा। अगर कूड़ा डालने का कोई स्थान चिह्नित नहीं है तो फिर किसी अन्य जगह पर कूड़ा नहीं डाल सकेंगे। हर घर में डस्टबिन रखना होगा। डस्टबिन के कूड़े को प्राधिकरण की अधिकृत संस्था को देना होगा।
घर के बाहर नहीं रख सकते फर्नीचर व अन्य सामान
कोई भी भवन स्वामी सार्वजनिक स्थान पर फर्नीचर या अन्य सामान नहीं रख सकता है। अगर कोई ऐसा करता है तो आरडब्ल्यूए लिखित में अनुरोध करेगी। उसके बाद भी भवन स्वामी नहीं मानता है तो प्राधिकरण कार्रवाई करेगा। यहीं नहीं, अगर निर्माण कार्य के दौरान किसी तरह की क्षति होती है तो भवन स्वामी ही उसको ठीक कराएगा। अगर भवन स्वामी ऐसा नहीं करता है तो फिर आरडब्ल्यूए क्षति को सुधारेगी और उसकी लागत भवन स्वामी से वसूलेगी।
आरडब्ल्यूए में होंगे 11 सदस्य
प्राधिकरण ने तय कर दिया है कि आरडब्ल्यूए की कार्यकारिणी में कम से कम चार और अधिक से अधिक 11 सदस्य होंगे। इनमें 30 प्रतिशत महिलाएं होंगी। सदस्य किसी भी आपराधिक प्रकरण में सजायाफ्ता नहीं होना चाहिए। प्राधिकरण ने 50 बिंदुओं का बायलॉज तैयार कर अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है और 30 दिन के अंदर लोगों से आपत्तियां मांगी हैं।
प्राधिकरण ने पहले भी बायलॉज पर आपत्तियां मांगी थी। उस पर फेडरेशन बिंदुवार आपत्तियां दर्ज करवाई थी, लेकिन प्राधिकरण ने आपत्तियों को निस्तारण नहीं किया और फिर से वही बायलॉज अपलोड कर दिया। इस पर भी आपत्तियां दी जाएंगी। कुछ नियमों में खामियां है, उनको बताया जाएगा।- दीपक भाटी, महासचिव, गोल्डन फेडरेशन