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आंखें लाल होने पर स्टेरॉयड युक्त दवा लेने पर जा सकती है रोशनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:57 PM IST
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स्टेरॉयड को आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, लेकिन देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स के डॉक्टरों की मानें तो स्टेरॉयड युक्त दवाओं की वजह से लोग दृष्टि दोष के शिकार हो रहे हैं।
पिछले कुछ समय से एम्स के नेत्रविज्ञान केंद्र (आरपी सेंटर) में कई ऐसे मरीज आए, जिन्होंने आंखें लाल होने पर एक केमिस्ट दुकान से दवा ली और उन्हें कुछ समय बाद उन्हें आंखों की रोशनी चली गई। इसी तरह राजधानी के अन्य नेत्ररोग विशेषज्ञ भी इससे इत्तफाक रखते हैं।
नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी के मुताबिक देश के करीब 60 फीसदी हिस्से में लोग अब भी आंखों में संक्रमण होने पर डॉक्टर से सलाह नहीं लेकर केमिस्ट से दवाएं लेकर इस्तेमाल कर लेते हैं। डॉ. चौधरी ने बताया कि कुछ समय पहले उनके यहां भी इस तरह के केस आए हैं।
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एम्स की नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. राधिका टंडन का कहना है कि आंखों में संक्रमण के पीछे कई तरह की वजहें हैं। मौसम में बदलाव के चलते भी ऐसी परेशानी होती है। लेकिन डॉक्टर से सलाह न लेकर दवा दुकान से लोग दवाएं लेकर इस्तेमाल करते हैं।
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पिछले कुछ समय से एम्स के नेत्रविज्ञान केंद्र (आरपी सेंटर) में कई ऐसे मरीज आए, जिन्होंने आंखें लाल होने पर एक केमिस्ट दुकान से दवा ली और उन्हें कुछ समय बाद उन्हें आंखों की रोशनी चली गई। इसी तरह राजधानी के अन्य नेत्ररोग विशेषज्ञ भी इससे इत्तफाक रखते हैं।
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नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी के मुताबिक देश के करीब 60 फीसदी हिस्से में लोग अब भी आंखों में संक्रमण होने पर डॉक्टर से सलाह नहीं लेकर केमिस्ट से दवाएं लेकर इस्तेमाल कर लेते हैं। डॉ. चौधरी ने बताया कि कुछ समय पहले उनके यहां भी इस तरह के केस आए हैं।
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एम्स की नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. राधिका टंडन का कहना है कि आंखों में संक्रमण के पीछे कई तरह की वजहें हैं। मौसम में बदलाव के चलते भी ऐसी परेशानी होती है। लेकिन डॉक्टर से सलाह न लेकर दवा दुकान से लोग दवाएं लेकर इस्तेमाल करते हैं।
इसका परिणाम है कि लोगों की आंखों की रोशनी कमजोर पड़ रही है। उनका कहना है कि ऐसे मामले ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों में देखने को मिल रही है। स्टेरॉयड युक्त दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही ली जा सकती हैं। इसलिए दवा विक्रेता भी इसको लेकर जागरूक नहीं है।
आंखों की नस हो जाती है खत्म
आई-7 क्लिनिक की डॉ. सारिका जिंदल का कहना है कि स्टेरॉयड आई ड्राप से आंखों की नस बंद होने का खतरा रहता है। कई बार उनके यहां ऐसे भी मरीज देखने को मिले हैं।
जो यूपी बिहार के ग्रामीण अंचल से हैं और जिनकी ऑप्टिक नर्व पूरी तरह से डेमेज हो चुकी होती है। इसलिए लोगों को किसी भी तरह का ड्रॉप लेने से पहले इसके बारे में दुकानदार से सवाल करना चाहिए।
आंखों की नस हो जाती है खत्म
आई-7 क्लिनिक की डॉ. सारिका जिंदल का कहना है कि स्टेरॉयड आई ड्राप से आंखों की नस बंद होने का खतरा रहता है। कई बार उनके यहां ऐसे भी मरीज देखने को मिले हैं।
जो यूपी बिहार के ग्रामीण अंचल से हैं और जिनकी ऑप्टिक नर्व पूरी तरह से डेमेज हो चुकी होती है। इसलिए लोगों को किसी भी तरह का ड्रॉप लेने से पहले इसके बारे में दुकानदार से सवाल करना चाहिए।