पंचायत चुनावः निर्विरोध सरपंच बने तो मिलेंगे 11 लाख
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पूरे हरियाणा सहित मेवात में इस समय पंचायती चुनावों का समर अपने चरम पर है। इस बीच चुनावी समर में कूदे योद्धा अपनी नैया पार लगाने के लिए किसी भी जुगत में हैं।
वहीं दूसरी तरफ मेवात की समाजसेवी संस्थाएं एवं समाजसेवी लोग मेवात के पंचायत चुनावों में निर्विरोध सामाजिक प्रतिनिधि चुनने के लिए पूरी तरह प्रयासरत दिखाई दे रही हैं।
यह पूरा प्रयास सरकार की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए किया जा रहा है। दरअसल निर्विरोध चुने गए सरपंच को सरकार की ओर से 11 लाख की राशि दी जाएगी।
यह राशि करनी होगी गांव पर खर्च
सरपंच के अलावा जिला पार्षद के लिए पांच लाख, ब्लॉक समिति मेंबर के लिए दो लाख और ग्राम पंच के लिए 50 हजार रुपये की इनामी राशि दी जाएगी। यह सभी राशि गांवों के विकास कार्यों पर खर्च की जानी है।
इसको लेकर मेवात की सामाजिक संस्थाओं से लेकर गांव-गांव में लगी चाय की चौपालों पर इस बात का मंथन किया जा रहा है कि बिना किसी विरोध के समुचित ग्राम पंचायत को कैसे निर्विरोध बनाया जाए।
इसके लिए सामाजिक संस्थाओं के अलावा ग्राम स्तर पर बनी कमेटियों की जोर आजमाइशों का दौर भी शुरू हो गया है।
सबका प्रयास भाईचारे से हो काम
गौरतलब है कि इस समय प्रदेश सहित मेवात इलाके में चुनावी समर अपने पूर शबाब पर है। मेवात की कुछ चुनिंदा पंचायतों में सामाजिक संस्थाओं तथा ग्राम स्तर पर बनी लोगों की कमेटियों द्वारा पूरा प्रयास किया जा रहा है कि बिना किसी लड़ाई झगडे़ तथा विरोध के समुचित ग्राम पंचायत को कैसे निर्विरोध चुना जाए।
इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। निर्विरोध पंच और सरपंचों तथा जिला पार्षद चुनने की इस मुहिम पर चार अक्तूबर को मेवात के नावली गांव में होने वाले इस्लामिक जलसे का प्रभाव भी साफ नजर आ रहा है।
हालांकि तबलिगी जमात राजनीति से कोसों दूर है, लेकिन इस तरीके से सामाजिक मुहिम तथा आपसी भाईचारा बढ़ाने के लिए इसलामी जमात ऐसे कामों के लिए प्रयासरत है।
चौटाला सरकार में शुरू हुई थी योजना
इससे प्रभावित होकर लोग निर्विरोध पंच और सरपंच चुनने पर विचार कर रहें है, अगर यह मुहिम सिरे पर चढ़ती है तो इसका पूरा श्रेय मेवात की सामाजिक संस्थाओं और इस्लामिक जलसे को जाना तय है।
बता दें कि समुचित ग्राम पंचायत के निर्विरोध चुने जाने पर सरकार द्वारा 11 लाख रुपये की सहायता राशि पंचायत को दी जाएगी।
इस बारे में पूर्व सरपंच और वर्तमान में भाजपा नेता आलम मुंडल ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रोत्साहन राशि को बढ़ाया है। वह इस कदम को सराहनीय कदम मानते हैं।
यह योजना ओमप्रकाश चौटाला सरकार में शुरू हुई थी, तब इसकी प्रोत्साहन राशि दो लाख रुपये रखी गई थी, जिसे हुड्डा सरकार ने बढ़ाकर पांच लाख और वर्तमान सरकार ने इसे 11 लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा अब जिला पार्षद, ब्लॉक समिति और पंच के निर्विरोध चुनाव पर यह राशि दी जाएगी।