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महानगर की बुझती नहीं प्यास तो टूटनी ही थी आस
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 31 Jan 2016 12:41 AM IST
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ट्रैफिक व्यवस्था की बुरी हालात से स्मार्ट सिटी की दौड़ में पिछड़ने की वजह शनिवार को ‘अमर उजाला’ ने प्रकाशित की थी, लेकिन ये स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर होने की अकेली वजह नहीं है।
जिस तरह बैंक लोन देने से पहले ग्राहक की आर्थिक और उसके संसाधनों की स्थिति जानने के लिए उसकी तीन साल की इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी, ग्राहक की बैंक स्टेटमेंट समेत तमाम जानकारियां जुटाता है।
इसी तरह केंद्र सरकार ने भी स्मार्ट सिटी में चयन से पहले गाजियाबाद में बीते तीन साल में हुए डेवलपमेंट का पूरा ब्योरा जुटाया। गाजियाबाद में ट्रैफिक, ट्रांसपोर्टेशन से लेकर वाटर सप्लाई, जल निकासी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर मीटरिंग समेत तमाम जानकारियां हासिल की गईं।
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तीन साल में हुए डेवलपमेंट से संबंधित प्रश्न पूछे गए। इस डेवलपमेंट के लिए 30 अंकों की स्कोरिंग की जानी थी। गाजियाबाद की स्कोरिंग की कॉपी तो अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
सूत्रों की मानें तो इस स्कोरिंग में भी गाजियाबाद बेहतर नहीं कर पाया। शनिवार को ‘अमर उजाला’ ने ट्रैफिक के हाल बयां किए अब वाटर सप्लाई के हालत भी जान लीजिए।
सिर्फ 3 घंटे होती है वाटर सप्लाई
सर्विस लेवल बेंच मार्क के मुताबिक शहरों में पानी की सप्लाई 24 घंटे होनी चाहिए। लेकिन गाजियाबाद में इसकी आधी भी सप्लाई नहीं है। कालोनियों में सिर्फ दो से तीन घंटे सप्लाई होती है।
इसमें डेढ़ घंटा सुबह और डेढ़ घंटा शाम को पानी मिलता है। इस अवधि में पानी स्टोर करने से चूके तो फिर अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है। बीते 10 साल में 100 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च करने के बावजूद लोगों की प्यास नहीं बुझी है।
वाटर मीटरिंग में भी पिछड़ा शहर
केंद्र सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक कनेक्शनों पर वाटर मीटरिंग होना अनिवार्य है। यहां करीब पौने दो लाख से ज्यादा कनेक्शन हैं, लेकिन एक भी मीटर नहीं लगा। स्मार्ट सिटी प्रपोजल में वाटर मीटरिंग की स्थिति भी पूछी थी। माना जा रहा है कि इस बिंदु पर भी नंबर कटे हैं।
स्कोर में मुरादाबाद-झांसी से भी पिछड़ गया गाजियाबाद
स्मार्ट सिटी की दौड़ में गाजियाबाद यूपी के ही अलीगढ़, झांसी और मुरादाबाद से भी पिछड़ गया। स्कोर में गाजियाबाद को 43.07 अंक मिले हैं, जबकि मुरादाबाद को 43.39 और झांसी को 44.41 अंक मिले हैं। इससे कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति अलीगढ़ की रही स्कोरिंग में अलीगढ़ को 50.13 अंक मिले हैं।
संसाधनों और वित्तीय स्थिति में मुरादाबाद, अलीगढ़ और झांसी से गाजियाबाद आगे हैं, बावजूद इसके पिछड़ जाने पर अधिकारी भी असमंजस में हैं। अब निगम अधिकारी केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से स्कोरिंग की डिटेल लेंगे।
इसके बाद ही सही जानकारी मिलेगी कि गाजियाबाद के नंबर कम कहां हुए हैं। हालांकि स्कोर में बरेली 42.68 अंक लेकर, रामपुर 42.67, सहारनपुर 42.09 और वाराणसी 40.21 अंक लेकर गाजियाबाद से पीछे हैं। अब गाजियाबाद दूसरे चरण के लिए तैयारी करेगा।
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जिस तरह बैंक लोन देने से पहले ग्राहक की आर्थिक और उसके संसाधनों की स्थिति जानने के लिए उसकी तीन साल की इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी, ग्राहक की बैंक स्टेटमेंट समेत तमाम जानकारियां जुटाता है।
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इसी तरह केंद्र सरकार ने भी स्मार्ट सिटी में चयन से पहले गाजियाबाद में बीते तीन साल में हुए डेवलपमेंट का पूरा ब्योरा जुटाया। गाजियाबाद में ट्रैफिक, ट्रांसपोर्टेशन से लेकर वाटर सप्लाई, जल निकासी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर मीटरिंग समेत तमाम जानकारियां हासिल की गईं।
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तीन साल में हुए डेवलपमेंट से संबंधित प्रश्न पूछे गए। इस डेवलपमेंट के लिए 30 अंकों की स्कोरिंग की जानी थी। गाजियाबाद की स्कोरिंग की कॉपी तो अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
सूत्रों की मानें तो इस स्कोरिंग में भी गाजियाबाद बेहतर नहीं कर पाया। शनिवार को ‘अमर उजाला’ ने ट्रैफिक के हाल बयां किए अब वाटर सप्लाई के हालत भी जान लीजिए।
सिर्फ 3 घंटे होती है वाटर सप्लाई
सर्विस लेवल बेंच मार्क के मुताबिक शहरों में पानी की सप्लाई 24 घंटे होनी चाहिए। लेकिन गाजियाबाद में इसकी आधी भी सप्लाई नहीं है। कालोनियों में सिर्फ दो से तीन घंटे सप्लाई होती है।
इसमें डेढ़ घंटा सुबह और डेढ़ घंटा शाम को पानी मिलता है। इस अवधि में पानी स्टोर करने से चूके तो फिर अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है। बीते 10 साल में 100 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च करने के बावजूद लोगों की प्यास नहीं बुझी है।
वाटर मीटरिंग में भी पिछड़ा शहर
केंद्र सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक कनेक्शनों पर वाटर मीटरिंग होना अनिवार्य है। यहां करीब पौने दो लाख से ज्यादा कनेक्शन हैं, लेकिन एक भी मीटर नहीं लगा। स्मार्ट सिटी प्रपोजल में वाटर मीटरिंग की स्थिति भी पूछी थी। माना जा रहा है कि इस बिंदु पर भी नंबर कटे हैं।
स्कोर में मुरादाबाद-झांसी से भी पिछड़ गया गाजियाबाद
स्मार्ट सिटी की दौड़ में गाजियाबाद यूपी के ही अलीगढ़, झांसी और मुरादाबाद से भी पिछड़ गया। स्कोर में गाजियाबाद को 43.07 अंक मिले हैं, जबकि मुरादाबाद को 43.39 और झांसी को 44.41 अंक मिले हैं। इससे कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति अलीगढ़ की रही स्कोरिंग में अलीगढ़ को 50.13 अंक मिले हैं।
संसाधनों और वित्तीय स्थिति में मुरादाबाद, अलीगढ़ और झांसी से गाजियाबाद आगे हैं, बावजूद इसके पिछड़ जाने पर अधिकारी भी असमंजस में हैं। अब निगम अधिकारी केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से स्कोरिंग की डिटेल लेंगे।
इसके बाद ही सही जानकारी मिलेगी कि गाजियाबाद के नंबर कम कहां हुए हैं। हालांकि स्कोर में बरेली 42.68 अंक लेकर, रामपुर 42.67, सहारनपुर 42.09 और वाराणसी 40.21 अंक लेकर गाजियाबाद से पीछे हैं। अब गाजियाबाद दूसरे चरण के लिए तैयारी करेगा।