पांच साल से दिल्ली में हैं तो दिल का रखें ख्याल, डॉक्टरों ने कहा-ये प्रदूषण सालों बाद करेगा असर
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अगर आप लगातार पांच से दिल्ली में है तो अपने दिल को लेकर सतर्क हो जाएं। प्रदूषण के चलते छोटी उम्र में ही ब्लॉकेज की शिकायतें मिल रही है। इसका ताजा उदाहरण पश्चिम विहार निवासी रोहित हैं।
वह डीयू का एमएससी छात्र है। उसकी उम्र 23 वर्ष है, लेकिन कुछ ही दिन पहले एनजाइना पेन (कम रक्त प्रवाह के कारण छाती में होने वाला दर्द) होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सक भी कम उम्र में ब्लॉकेज की शिकायत से अचंभित थे।
मैक्स अस्पताल के डॉ. रजनीश मल्होत्रा ने बताया कि रोहित न धूम्रपान करता है और न अल्कोहल का सेवन करता है। उसके परिवार में भी कोई दिल का मरीज नहीं है। बावजूद उसके रोहित की रक्त धमनियों में ब्लॉकेज की शिकायत हो गई।
गले में खराश, कफ के साथ आया ब्लड
रोहित फुटबॉल का शौकीन है। कई बार उसे गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, घुटन की शिकायतें रहती थी। लेकिन दो वर्षों में यह तकलीफ बढ़ गई है। डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि रोहित को ब्लॉकेज की शिकायत का एक कारण प्रदूषण भी है।
दिल्ली में पांच वर्ष से ज्यादा समय से अगर कोई रह रहा हैं तो उसे ऐसी तकलीफ की संभावना ज्यादा है। डॉ. मल्होत्रा का कहना है कि रोहित की तरह उनके पास हर माह कोई न कोई युवा दिल से जुड़ी परेशानी लेकर पहुंच रहा है।
गले में खराश, कफ के साथ आया ब्लड
उधर, एक आईटी कंपनी में कार्यरत युवा बिजेंद्र कुमार सफदरंजग अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा। बिजेंद्र का कहना था कि उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सोते समय घबराहट महसूस होती है। बाहर निकलते पर गले में दर्द की शिकायत हो रही है। डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि उसके गले में छोटे छोटे घाव हो चुके हैं। जिसकी वजह से कफ निकालने के साथ ही उसे ब्लड आने की शिकायत थी। 28 वर्षीय बिजेंद्र अभी भी अस्पताल में भर्ती है।