कानून मंत्री तोमर नहीं हुए गिरफ्तार तो ये कदम उठाएगी भाजपा
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फर्जी डिग्री विवाद में फंसे दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर घिरते हुए नजर आ रहे है। राजनीतिक पार्टियां सरकार पर लगातार बर्खास्त करने का दबाव बना रही है। इसी कड़ी में भाजपा का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिलकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
इतना ही नहीं यह भी कहा है कि अगर तोमर की बर्खास्तगी नहीं हुई तो भाजपा जन आंदोलन छेड़ेगी। दिल्ली भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय के नेतृत्व में दिल्ली के पुलिस आयुक्त बी एसबस्सी से मिला।
भाजपा नेताओं ने पुलिस आयुक्त से दिल्ली सरकार के मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर, विधायक प्रमिला टोकस की गिरफ्तारी और आम आदमी पार्टी के विधायक जिनपर मामले दर्ज हैं, उनपर कार्रवाई की मांग की है।
मुलाकात के बाद पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में उपाध्याय ने कहा कि पुलिस आयुक्त को कुछ ऐसे दस्तावेज सौंपे गए हैं जिनके बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि मंत्री तोमर की सभी डिग्रियां फर्जी हैं।
बर्खास्तगी की मांग पर अड़ी भाजपा
दिल्ली बार काउंसिल के शिकायत पत्र के साथ-साथ अवध व भागलपुर के विश्वविद्यालय की डिग्रियों को फर्जी प्रमाणित करने जैसे कागजात भी सौंपे गए हैं। बार काउंसिल के शिकायत पत्र के बाद कानूनी रूप से दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज कर सकती है।
क्योंकि यह आवश्यक है कि दिल्ली पुलिस तोमर को हिरासत में लेकर मामले की जांच करे। उन्होंने कहा कि सुचिता व नैतिकता पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सभी बातें अब राजनीतिक मुखौटे जैसी लगती हैं।
उपाध्याय ने कहा है कि यह आश्चर्य का विषय है कि जो आम आदमी पार्टी और उसके मुखिया चुनाव पूर्व अनुसूचित जाति के लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाते थे, सत्ता में आने के बाद अनुसूचित जाति की महिला पर अत्याचार करने वाली अपनी पार्टी की विधायक प्रमिला टोकस के मामले में मौनी बाबा बने बैठे हैं।