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पाखंडी बाबा : तीन खरब से अधिक की संपत्ति कब्जाना चाहता था चैतन्यानंद, आरोपी ने मठ को करोड़ों रुपये की लगाई चपत
Sun, 28 Sep 2025 03:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 28 Sep 2025 03:47 AM IST
सार
पीठ ने आरोपी स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ वसंतकुंज (नार्थ) थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी व फर्जी कागजात बनवाने आदि की प्राथमिकी दर्ज करवाई है।
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आरोपी चैतन्यानंद
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
श्रृंगेरी मठ के वसंतकुंज स्थित आश्रम में 17 छात्राओं से छेड़छाड़ करने का आरोपी चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी मठ की तीन खरब से अधिक की संपत्ति पर कब्जा करना चाहता था। इसके लिए उसने पीठ के विश्वास को तोड़ा, ताकि वह इस संपत्ति पर कब्जा कर सके।
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पीठ ने आरोपी स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ वसंतकुंज (नार्थ) थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी व फर्जी कागजात बनवाने आदि की प्राथमिकी दर्ज करवाई है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि आश्रम में कुछ इमारतें कई कंपनियों को किराये पर दे रखी थी।
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दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि इन इमारतों से प्रतिमाह करीब 60 लाख रुपये किराये आता था। आरोपी इस किराये को पीठ को नहीं दे रहा था। पीठ के वसंतकुंज स्थित आश्रम के प्रशासक पीए मुरली की ओर से थाने में ये शिकायत दर्ज कराई गई है। दक्षिण-पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने इस मामले की जांच जिला जांच यूनिट (डीआईयू) को सौंपी है।
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ये प्राथमिकी 23 जुलाई, 25 को दर्ज हुई थी। यानि छेड़छाड़ की प्राथमिकी दर्ज होने से पहले ये प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोपी स्वामी के खिलाफ दूसरी प्राथमिकी छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और तीसरे महंगी गाडिय़ों पर नंबर लगाने को दर्ज की गई है।
इंस्टीट्यूट का नाम बदला
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने इंस्टीट्यूट का नाम श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट कर लिया था।
फर्जी कागजात बनवाने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी पीठम से पीएचडी के लिए गांरटी राशि के लिए एफडी तैयार करने के लिए एक करोड़ रुपये के मांग की। उन पर कई सरकारी कागजात बनवाने का भी आरोप है।
जांच में खुलासा
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में चैतन्यानंद के नाम और उससे जुड़े ट्रस्ट के नाम पर 18 बैंक खाते, 28 फिक्स्ड डिपॉजिट की पहचान की गई है। इन खातों से कुल मिलाकर करीब 18 करोड़ रुपये मिले हैं। पुलिस ने इन बैंक खातों को सीज कर दिया है। इनमें ज्यादातर रकम श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट के जरिए जमा की गई थी।