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'रोज-रोज की कलह से तंग आ गया हूं': पत्नी के व्हाट्सएप पर भेजा सुसाइड नोट, लिखा- इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं
Mon, 13 May 2024 10:52 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला ब्यूरो, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला ब्यूरो, ग्रेटर नोएडा
Published by: आकाश दुबे
Updated Mon, 13 May 2024 10:52 PM IST
सार
सुसाइड नोट में लिखा था कि वह रोज-रोज की कलह से तंग आकर अपना जीवन समाप्त कर रहा है। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
घरेलू कलह में अजनारा होस सोसाइटी निवासी ने सोमवार को हताश होकर अपना सुसाइड नोट पत्नी को व्हाट्सएप पर भेज दिया। देखकर पत्नी सहित परिवार वालों के होश उड़ गए। पुलिस ने पति की तलाश कर उसकी काउंसलिंग की और परिवार को सौंप दिया। इस प्रकरण में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। सुसाइड नोट में लिखा था कि वह रोज-रोज की कलह से तंग आकर अपना जीवन समाप्त कर रहा है। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। पुलिस ने पति के फोन को सर्विलांस पर लगाकर उसकी लोकेशन पता की और उसे तलाश लिया।
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मृत व्यक्ति को जीवित दर्शा कर बेच दिया प्लाट
एक अन्य मामले में छह साल पहले मृत व्यक्ति को जीवित दर्शाकर उसकी फर्जी जीपीए दिखाकर पहले प्लाट को अपने नाम कराया और फिर बेच दिया। मामला जब प्राधिकरण-पुलिस अधिकारियों के समक्ष आया तो जांच बैठाई गई। सेक्टर अल्फा-1 के निवासी वीरेंद्र सिंह ने पुलिस कमिश्नर को दी गई शिकायत में कहा है कि गाजियाबाद के शालीमार गॉर्डन निवासी का सेक्टर ओमिक्रान-3 में 70 वर्गमीटर का प्लाट था। उनकी मृत्यु 2017 में हो गई थी।
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आरोपियों ने इस मृत को जीवित दर्शा कर उसकी फर्जी पावर ऑफ अटार्नी तैयार करवाई। इसके बाद प्लाट को 1.50 करोड़ रुपये में बेच दिया। इस मामले का पता जब पीड़ि़त को चला तो विभागों में पूछताछ की। जानकारी हुई कि ग्रेटर नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालय ने भी गाजियाबाद में हुई फर्जी पावर ऑफ अटर्नी को सत्यापन नहीं किया। अब वीरेंद्र ने कहा है कि इस मामले में वह लोग भी शामिल हैं जिन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
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