बाइक नहीं लाई तो पति और जेठ ने जला दिया था जिंदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दहेज में एक लाख रुपये और बाइक नहीं मिलने पर विवाहिता की हत्या करने के मामले में न्यायालय ने पति और जेठ को दोषी करार देते हुए दस-दस साल का कारावास की सजा सुनाई है।
सरकारी वकील मनोज तेवतिया ने बताया कि दादरी कोतवाली क्षेत्र के गांव नई बस्ती के सचिन की शादी 20 जून 2010 को अर्चना के साथ हुई थी। अर्चना के मायके वालों ने अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज दिया था, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग संतुष्ट नहीं थे।
अर्चना से एक लाख रुपये की नगदी और बाइक लाने की मांग की जा रही थी। बाइक नहीं लाने पर 13 अप्रैल 2011 को उस पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा थी।
इलाज के दौरान अर्चना ने तोड़ा था दम
अर्चना को गंभीर हालत में दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 16 अप्रैल 2011 को अस्पताल में ही इलाज के दौरान अर्चना ने दम तोड़ दिया।
अर्चना के मायके वालों ने सास, जेठ, पति और जेठानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दहेज हत्या के मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट गौतमबुद्ध नगर में की गई।
गवाह और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने पति सचिन और जेठ अनेश को दहेज के लिए जलाकर हत्या करने के लिए दोषी करार देते हुए दस साल का कारावास का सजा सुनाई है।