फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   hungama and demolition at kherkidaula toll plaza.

टोल प्लाजा पर जबरदस्त बवाल और तोड़फोड़

Mon, 15 Sep 2014 08:10 PM IST
Updated Mon, 15 Sep 2014 08:10 PM IST
विज्ञापन
hungama and demolition at kherkidaula toll plaza.

गुड़गांव के खेड़कीदौला टोल पर स्थानीय कॉमर्शियल वाहनों से टोल वसूली को लेकर सोमवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। गुस्साए ग्रामीणों ने टोल बैरियर और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए।

विज्ञापन


इस हंगामे के बीच टोल को दो घंटे के लिए फ्री कर दिया गया। हंगामे की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके भी मौके पर पहुंच गए। कई घंटे चली गहमागहमी के बाद प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीणा शांत हुए।
विज्ञापन


चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद खेड़कीदौला टोल पर स्थानीय कॉमर्शियल वाहनों से टोल वसूली के आदेश के बाद सोमवार को सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण टोल पर पहुंच गए। सुबह दस बजे ग्रामीणों ने हंगामा करना शुरु कर दिया। जिसके बाद देखते ही देखते यहां वाहनों का लंबा जाम लग गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

...और टूट गया लोगों के सब्र का बांध

hungama and demolition at kherkidaula toll plaza.

टोल पर स्थिति बिगड़ते देख पुलिस के आला अधिकारी समेत प्रशासनिक स्तर के अधिकारी भी पहुंच गए। और उन्होंने ग्रामीणों को बातचीत के लिए शांत किया।

एक घंटे तक कई दौर की बातचीत के बाद कोई नतीजा नहीं निकलने पर ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया और जिसके बाद ग्रामीणों ने टोल गेट पर पहुंच एक-एक कर सभी टोल बैरियर खोल दिए। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की।

जिसके बाद कई ग्रामीणों ने टोल के बैरियर तोड़ते हुए यहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ डाले। टोल पर स्थिति बिगड़ते देख प्रशासनिक अधिकारियों ने टोल प्रबंधन कंपनी के साथ बातचीत की। दो घंटे तक चले हंगामे के बाद एडीसी पुष्पेंद्र सिंह, एसडीएम ओमप्रकाश, एसीपी मानेसर नरेंद्र कादियान ने ग्रामीणों को शांत किया।

उन्होंने आश्वासन दिया कि पहले की तरह टोल पर जिले के स्थानीय निजी और कॉमर्शियल वाहनों को टोल छूट देने दिया गया। हालांकि उन्होंने चुनावी आचार संहिता का हवाला देते हुए लिखित आश्वासन देने से मना कर दिया। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।

वाहनों की चपेट में आए दो युवक

hungama and demolition at kherkidaula toll plaza.

टोल फ्री करने की मची आपाधापी के बीच दो युवकों के वाहनों के चपेट में आने से गहमागहमी भी मच गई। जिसमें वाहनों को निकालने की जल्दबाजी में एक युवक कैंटर की चपेट में आ गया। जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। एक बाइक सवार को भी कैंटर से टकरा गया जिसे चोट लगी।

अधिकारियों के सामने वाहन चालक फंसे रहे जाम में
टोल पर हंगामे के बाद गुड़गांव पुलिस कमिश्नरी से भारी संख्या में सुरक्षाबल को मौके पर बुलाया गया था। चुनाव आचार संहिता में ग्रामीणों को शांत करने के लिए एसीपी मानेसर समेत कई थानों के एसएचओ समेत पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे। लेकिन पुलिस केवल मूकदर्शक बनी रही।

ग्रामीणों के टोल फ्री कर दिए जाने के बाद दिल्ली जाने की जल्दी में वाहनों का दबाव बढ़ गया। जिससे खेड़कीदौला टोल से हीरो होंडा चौक के अलावा बिलासपुर दोनों तरफ वाहनों का लंबा जाम लग गया।

ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की अनदेखी के चलते जाम बढ़ता गया जिसमें करीब एक घंटे तक वाहनचालक परेशान रहे। हालांकि बाद में, ग्रामीणों ने टोल पर बैरियर हटाते हुए वाहनों को निकाला।

टोल प्रबंधन को तीन लाख का हुआ नुकसान

hungama and demolition at kherkidaula toll plaza.

मिलेनियम सिटी एक्सप्रेस-वे प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एस रघुरमन के मुताबिक टोल पर औसतन एक दिन में औसतन 25 लाख की टोल वसूली की जाती है। सुबह पीक आवर्स में टोल पर हंगामे के बाद दो घंटे टोल फ्री कर दिए जाने से कंपनी को तकरीबन तीन लाख का नुकसान हुआ है।

बताया जा रहा है कि टोल पर ग्रामीणों के उत्पात मचाए जाने की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है जिसमें कंपनी प्रबंधन के नुकसान को लेकर पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है।

पिछले महीने से चल रहा है विवाद
खेड़कीदौला टोल पर स्थानीय कॉमर्शियल वाहनों से टोल वसूली को लेकर टोल प्रबंधन के आदेश पर पिछले महीने से विवाद चल रहा है। 19 अगस्त को कॉमर्शियल वाहनों से टोल वसूली को लेकर ग्रामीणों ने सुबह दो घंटे टोल फ्री कर दिया था।

जिसके बाद 24 अगस्त को ग्रामीणों ने महापंचायत में टोल न देने का फैसला लिया था। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी ग्रामीणों को आश्वासन दिया था। लेकिन टोल कंपनी ने रविवार से दोबारा स्थानीय कॉमर्शियल वाहनों से टोल वसूली शुरु कर दी थी।

यह हुआ फैसला
मानेसर सरपंच ओमप्रकाश ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि टोल पर पहले की तरह स्थानीय कॉमर्शियल वाहनों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। टोल की सर्विस लेन को स्थानीय वाहनों के लिए फ्री रखा जाएगा।

हालांकि, चुनाव आचार संहिता लागू होने की बात के आधार पर लिखित में उन्होंने आश्वासन नहीं दिया। इसके बाद भी अगर टोल पर फिर से मनमानी की जाती है तो ग्रामीण दोबारा लामबंद हो जाएंगे।

पढ़िए कब क्या हुआ?

hungama and demolition at kherkidaula toll plaza.

सुबह 10 बजे: ग्रामीण टोल पर पहुंचने शुरु हो गए। टोल प्रबंधन के खिलाफ ग्रामीणों ने रणनीति बनानी शुरु की।
सुबह 11.00 बजे: टोल प्रबंधन और प्रशासन की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से ग्रामीणों ने दस मिनट के लिए टोल फ्री कर दिया।
सुबह 11.30 बजे: टोल पर लोगों की तादाद को देख पुलिस इंतजाम बढ़ाए गए। ग्रामीण भी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
दोपहर 12.35 बजे: गुस्साए ग्रामीण टोल की तरफ बढ़े और सभी टोल बैरियर उठाकर वाहनों के लिए टोल को फ्री कर दिया।
दोपहर 12.45 बजे: कुछ ग्रामीणों ने टोल बैरियर तोड़ दिए, जबकि टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया।
दोपहर 1.45 बजे: सवा घंटे से टोल फ्री होने से खेड़कीदौला टोल पूरी तरह खाली हो गया।
दोपहर 2.25 बजे: प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों ने बातचीत की। पुलिस और प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीण टोल से हटने को राजी हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed