फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   horrific reality of uttar pradesh jails a tale by prisoner who dramatized his death in noida

अपनी मौत का नाटक रचने वाले ने बताया जेलों का सच, ‘अपनों के अंतिम संस्कार में नहीं जा पाते आम बंदी’

Fri, 13 Jul 2018 10:55 AM IST
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Fri, 13 Jul 2018 10:55 AM IST
विज्ञापन
horrific reality of uttar pradesh jails a tale by prisoner who dramatized his death in noida
चंद्रमोहन शर्मा - फोटो : अमर उजाला

खुद की मौत का स्वांग कर विक्षिप्त की हत्या में जेल में बंद रहे चंद्रमोहन शर्मा ने आम बंदियों की समस्याओं के समाधान के लिए कानून मंत्रालय, मानवाधिकार आयोग, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत अन्य को पत्र लिखा है।

विज्ञापन


जमानत पर बाहर आने के बाद हरियाणा के हिसार में रहकर ऑटो चला रहे चंद्रमोहन ने पत्र में अपनों की मौत होने पर आम बंदियों को पैरोल न मिलने की समस्या को प्रमुखता से उठाया है।
विज्ञापन


अपने पत्र में चंद्रमोहन ने कहा है कि कानून और मानवाधिकार आयोग के निर्देशों के अनुसार अगर किसी बंदी के परिजन की मौत होती है तो उसे तुरंत कस्टडी पैरोल मिलनी चाहिए। तत्काल कस्टडी पैरोल देने का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट को होता है लेकिन विभिन्न कारणों के चलते आम बंदियों को पैरोल नहीं मिल पाती।

विज्ञापन
विज्ञापन

पैरोल की मांग की थी लेकिन उसे पैरोल नहीं मिल पाई

चंद्रमोहन ने बताया कि 10 अक्तूबर 2016 को उसके भाई जॉनी की मौत हो गई थी। उसने पैरोल की मांग की थी लेकिन उसे पैरोल नहीं मिल पाई। चंद्रमोहन का कहना है कि आम बंदी अगर कोर्ट से पैरोल की मांग करे तो वकील से संपर्क, करने याचिका दाखिल करने और सुनवाई होने में कई बार इतना समय लग जाता है कि तब तक तेरहवीं भी हो जाती है।

उसके ही जैसे न जाने  कितने आम बंदियों की यह समस्या है। चंद्रमोहन का कहना है कि हालांकि कुछ खास बंदी विशेष प्रयास कर पैरोल पाकर चले जाते हैं। इसके अलावा चंद्रमोहन ने कुछ बुजुर्ग बीमार बंदियों की रिहाई कराने के प्रयास शुरू करने की भी मांग की है।  

हमारे पास जो भी पैरोल के लिए प्रार्थना पत्र आते हैं। उन्हें जिला प्रशासन को अग्रसारित कर दिया जाता है। कुछ बंदियों को पैरोल पर अंतिम संस्कार आदि में शामिल होने के लिए भेजा भी गया है। - विपिन कुमार मिश्र, जेल अधीक्षक, गौतमबुद्ध नगर जिला कारागार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed