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कोविड-19 के मृतकों को मुखाग्नि देने वाले दो कोरोना योद्धाओं को सम्मान
Mon, 17 Aug 2020 12:10 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 17 Aug 2020 12:10 PM IST
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कोरोना से मौत
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वैश्विक महामारी काल में निगम बोध घाट पर कोविड-19 मृतकों का अंतिम संस्कार करने वाले दो कोरोना योद्धाओं पप्पू व हरिन्द्र को सम्मानित किया गया। निगम बोध घाट समिति ने रविवार को इन्हें सम्मानित किया। निगम बोध घाट संचालन समिति के प्रमुख सुमन कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्हें आशा थी कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इन दोनों कोरोना यौद्धाओं को भी सरकार की तरफ से सार्वजनिक रुप से सम्मानित किया जाएगा।
लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो रविवार को समिति ने ही घाट पर इन्हें प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और इनका हौसला बढ़ाया। साथ ही भारत सरकार व दिल्ली सरकार से मांग की गई कि वह ऐसे वास्तविक योद्धाओं को भी सम्मानित करें।
सुमन कुमार गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण से पहली मौत जनकपुरी की एक बुजुर्ग महिला की हुई थी।
तब से अपनी जान जोखिम में डालकर सीएनजी शवदाहगृह में ड्यूटी कर रहे पप्पू व हरिन्द्र ने अब तक करीब 1320 कोरोना पीड़ित मृतकों का संस्कार किया है। कोरोना काल के दौरान निगम बोध घाट को प्रमुख दाह स्थल बनाया गया था। जिसके बाद संचालन समिति ने इन दोनों योद्धाओं की ड्यूटी इस काम में लगाई थी। साथ ही इनका जीवन बीमा भी करवाया था।
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लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो रविवार को समिति ने ही घाट पर इन्हें प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और इनका हौसला बढ़ाया। साथ ही भारत सरकार व दिल्ली सरकार से मांग की गई कि वह ऐसे वास्तविक योद्धाओं को भी सम्मानित करें।
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सुमन कुमार गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण से पहली मौत जनकपुरी की एक बुजुर्ग महिला की हुई थी।
तब से अपनी जान जोखिम में डालकर सीएनजी शवदाहगृह में ड्यूटी कर रहे पप्पू व हरिन्द्र ने अब तक करीब 1320 कोरोना पीड़ित मृतकों का संस्कार किया है। कोरोना काल के दौरान निगम बोध घाट को प्रमुख दाह स्थल बनाया गया था। जिसके बाद संचालन समिति ने इन दोनों योद्धाओं की ड्यूटी इस काम में लगाई थी। साथ ही इनका जीवन बीमा भी करवाया था।
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