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अमित शाह इस खास प्लान से दिल्ली को बनाएंगे सुरक्षित, कठोर सजा से बच नहीं सकेंगे अपराधी

Tue, 19 Jan 2021 03:38 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 19 Jan 2021 03:38 PM IST
सार

भारत सरकार के सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगने वाले 15 हजार कैमरों की मदद से अपराधियों पर नकेल कसी जा सकेगी। इन कैमरों की खासियत यह है कि इनकी मदद से शातिर अपराधी भी पकड़े जाएंगे...

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Home minister Amit Shah told, CCTV camers will installed in Delhi under safe city project
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

विस्तार

दिल्ली को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, एक खास प्लान लेकर आए हैं। वे इस प्लान के जरिए दिल्ली को दुनिया का सबसे ज्यादा सुरक्षित शहर बनाकर दिखाएंगे। अपराध कम होंगे और अपराधियों को कठोर सजा मिलेगी। दिल्ली पुलिस को ऐसी फॉरेंसिक साइंस तकनीक मुहैया कराई जाएगी, जिसकी मदद से अपराधी बच नहीं सकेंगे। भारत सरकार के प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली में 15 हजार अतिरिक्त विशेष कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा सभी मौजूदा सीसीटीवी कैमरों को आपस में जोड़ दिया जाएगा। इसमें ट्रैफ़िक पुलिस, रेलवे स्टेशन, सिविक एजेंसियां, बस अड्डे और दिल्ली सरकार द्वारा लगाए गए कैमरे भी शामिल किए जाएंगे।

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक अहम बैठक की अध्यक्षता करने से पहले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को संबोधित करते हुए यह बात कही है। दिल्ली को सुरक्षित बनाने के लिए जो खास योजना बनाई गई है, उसके कई हिस्सों पर बहुत जल्द काम शुरू होने जा रहा है।
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इस योजना के बाद दिल्ली में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल होगा। दिल्ली पुलिस ऐसे सिस्टम पर काम करेगी, जिसमें अपराधियों को भागने का मौका ही नहीं मिलेगा। सीसीटीवी कैमरे को लेकर शाह ने कहा, जब सभी कैमरों को एक सेंटर से जोड़ दिया जाएगा, तो उससे पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी। स्थानीय तकनीक की मदद से ही दिल्ली को सुरक्षित बनाया जाएगा।
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बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अभी तक दिल्ली सरकार, सिविक एजेंसियां और पुलिस, इन सभी के लगाए गए कैमरों का नियंत्रण अलग-अलग है। किसके कैमरे में कब क्या रिकार्ड हुआ, कुछ नहीं पता। ऐसी हालत में उसे अपराध के साथ कैसे लिंक किया जाए, यह दिक्कत बनी रहती है। कौन सी एजेंसी का कैमरा ठीक है या वह काम नहीं कर रहा, इन सब के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।

भारत सरकार के सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगने वाले 15 हजार कैमरों की मदद से अपराधियों पर नकेल कसी जा सकेगी। इन कैमरों की खासियत यह है कि इनकी मदद से शातिर अपराधी भी पकड़े जाएंगे। बीट कर्मियों को एक ऐसी मोबाइल डिवाइस दी जाएगी, जिसमें वे किसी भी हिस्से की सीसीटीवी फुटेज देख सकते हैं। इसके अलावा पुलिस कर्मियों को रेडिएशन की जांच वाला उपकरण भी मुहैया कराया जाएगा।

नए सिस्टम की मदद से आतंकियों के मंसूबों को समय रहते नाकाम किया जा सकेगा। वारदातों की रियल टाइम इनफॉर्मेशन सभी पुलिस कर्मियों तक पहुंच सकेगी। अपराधी सडक पर निकले, रेल या हवाई जहाज द्वारा कहीं जाए तो उसकी फोटो और लोकेशन पुलिस को तुरंत मिल जाएगी। सभी पुलिसकर्मी इंटरैक्टिव डाटा मैप से डिजिटली जुड़े रहेंगे। सिस्टम में प्रत्येक अपराधी एवं संदिग्धों का फोटो सहित रिकॉर्ड रहेगा। शहर में आने वाले हर वाहन की नंबर प्लेट दर्ज होती रहेगी।

स्टेडियम, बस स्टैंड, एयरपोर्ट, मेट्रो, रेलवे स्टेशन और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर छोटी से छोटी गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखना संभव हो सकेगा। पुलिस को मिलने वाले नए सिक्योरिटी कैमरे तीन सौ फुट ऊपर तक जा सकते हैं। ड्रोन के जरिए भी सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाया जाएगा। कैमरों से घटना स्थल पर तैनात पुलिस को मौके की सभी दिशाओं से लाइव स्थिति की जानकारी मिलेगी। डीएएस में घटना स्थल का वीडियो प्रत्येक पांच मिनट बाद अपडेट होगा।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक इस सिस्टम की खासियत यह भी है कि इसकी मदद से अपराधी बच नहीं सकता। उसका फोटो या स्केच डीएएस पर डालते ही शहर के हर पुलिसकर्मी तक वह जानकारी पहुंच जाती है। यदि वह अपराधी कहीं भी चला जाए तो उसका फोटो उसे पुलिस तक पहुंचा देगा। एक बार सड़क पर आने के बाद वह किसी भी सूरत में बच नहीं सकेगा।


बम विस्फोट की फर्जी कॉल करने वाले भी पुलिस को चकमा नहीं दे पाएंगे। इस तरह की कॉल आते ही अपराधी की लोकेशन का पता चल जाएगा। बार-बार अपराध करने वालों को सजा मिले, इसके लिए वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाने पर ज़ोर दिया जाएगा। इसके लिए दिल्ली पुलिस और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के बीच तालमेल बढ़ाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस को 119 फॉरेंसिक सहायक मिले हैं। इनकी मदद से जांच कार्य मजबूत होगा और अपराधियों को सजा दिलाई जा सकेगी।

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