Noida: हिंदू जनजागृति समिति ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव का किया आयोजन, रामराज्य की स्थापना का दिखाया मार्ग
कार्यक्रम में बताया गया कि हैलो नहीं, बल्कि नमस्कार या 'राम-राम' कहना चाहिए, क्योंकि यह हमारी संस्कृति है। साथ ही महर्षि वेदव्यास व आदि गुरु शंकराचार्य के बारे में भी बताया।
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व्यक्तिगत जीवन में साधना करने से अंतरात्मा में रामराज्य की स्थापना होगी, लेकिन सामाजिक जीवन में रामराज्य की स्थापना के लिए हमें अपना कर्तव्य ईमानदारी से निभाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार, अनैतिकता और अराजकता के विरुद्ध लड़ना होगा। हमारे विचार और व्यवहार हिंदू संस्कृति के अनुकूल होने चाहिए। हैलो नहीं, बल्कि नमस्कार या 'राम-राम' कहना, क्योंकि यह हमारी संस्कृति है। टीवी पर धारावाहिक देखना नहीं, बल्कि 'कीर्तन-भजन' देखना चाहिए, यह हमारी संस्कृति है। कोई अभिनेता नहीं, बल्कि भगवान राम-कृष्ण हमारी संस्कृति द्वारा दिए गए आदर्श हैं। हमारे आचरण और व्यवहार में हम संस्कृति की रक्षा करें और धर्म का पालन करें। ऐसा आह्वान हिंदू जनजागृति समिति के श्रीराम लुकतुके ने किया।
बता दें कि नोएडा के सेक्टर 56 स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव संपन्न हुआ। साथ ही देशभर में 71 स्थानों पर 'गुरु पूर्णिमा महोत्सव' का आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आठवां अवतार, कृष्ण त्रये श्रृंखला जैसी पुस्तकों की प्रसिद्ध लेखिका श्रीमती मनोशी सिन्हा रावल भी मौजूद हीं। उन्होंने बताया कि वैदिक काल में गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत शिष्यों को किस प्रकार से संस्कार दिए जाते थे, जिसमें वह राष्ट्र, धर्म और संस्कृति का अच्छे से पालन करते थे। उसी प्रकार की शिक्षा की आवश्यकता आज राष्ट्र को है।
उन्होंने बताया कि जन्म के समय माता-पिता गुरु होते हैं, स्कूल जाते हैं तो अध्यापक गुरु होते हैं फिर हम आध्यात्मिक गुरु के पास जाते हैं। साथ ही उन्होंने ने महर्षि वेदव्यास व आदि गुरु शंकराचार्य के बारे में भी बताया। महोत्सव की शुरुआत श्री व्यास पूजा और भक्तराज महाराज की प्रतिमा की पूजा से हुई। देश-विदेश के भक्तों को गुरु पूर्णिमा का लाभ मिल सके इसके लिए हिंदू जनजागृति समिति द्वारा कन्नड़ और बंगाली भाषाओं में गुरुपूर्णिमा महोत्सव ऑनलाइन भी कराया गया। इस माध्यम से देश-विदेश के भक्तों ने ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ का लाभ लिया।