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तीन महीने में दूर होगी हाइवे की समस्याएं
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 07 Apr 2014 05:56 PM IST
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गुड़गांव हाइवे का सफर करने वाले वाहन चालकों को अगले तीन महीने में परेशानियों से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। हाइवे को छह मार्गीय बनाने का काम कर रही एजेंसी ने हाइवे अथॉरिटी से तीन महीने की मोहल्लत मांगी है। साथ ही एजेंसी ने कुछ मजबूरियों का हवाला देकर निर्माण में देरी की वजह भी गिनाईं हैं।
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गुड़गांव से जयपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग को छह मार्गीय करने का काम वर्ष 2009 में शुरू हुआ था। इसके निर्माण का ठेका पिंक सिटी एक्सप्रेस वे प्राइवेट लिमिटेड नामकर कंपनी को दिया गया था। कंपनी ने एरिया वार अलग-अलग कंपनियों को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंप दी।
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करार के अनुसार निर्माण कार्य दो अक्टूबर 2011 तक पूरा होना था। इस अवधि में निर्माण पूरा नहीं होने के बाद कंपनी को कुछ और समय दिया गया। इसके बाद भी इसकी दो डेड लाइन मिस हो चुकी है। जयपुर से धारूहेड़ा तक तो 90 फीसदी से अधिक काम हो चुका है, लेकिन इसके बाद 25 से 30 फीसदी काम बाकि है। सबसे अधिक दिक्कत गुड़गांव क्षेत्र से शुरू होती है। सिधरावली में बनने वाले फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होते ही बंद हो गया।
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बिलासपुर से लेकर शिकोहपुर मोड़ तक हाइवे पर चार फ्लाईओवर का निर्माण रुका है। जिस कारण इस हिस्से में सबसे अधिक जाम की समस्या रहती है। लगतार मिल रही जाम की शिकायतों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने यहां समस्याओं को चिन्हित करने के लिए एक कंसलटेंट एजेंसी नियुक्त की। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
जिसमें निर्माण में देरी के कारण सड़कों के क्षतिग्रस्त होने समस्याएं बताई गई है। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक कंपनी से जवाब तलबी के बाद कंपनी ने जुलाई महीने तक काम पूरा करने की मोहलत मांगी है। कंपनी की ओर से जमीन अधिग्रहण में देरी, कुछ धार्मिक ढांचों के कारण भी देरी का हवाला दिया गया है।
बता दें कि जवाब तलबी के बाद जाम का गढ़ बने शिकोहपुर मोड़ और रामपुरा मोड़ फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। कंपनी प्रवक्ता के अनुसार ये दो फ्लाईओवर बनने के बाद आधी से ज्यादा समस्या खत्म हो जाएगी। इनका करीब 90 फीसदी काम हो चुका है।