केजरीवाल सरकार की इस याचिका पर जल्द सुनवाई से हाईकोर्ट की ना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी की उस अर्जी को खारिज कर दिया है जिसमें उसने अपनी याचिका पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया था। पार्टी ने उपराज्यपाल के उस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें पार्टी से विज्ञापन पर किए खर्च की गई 97 करोड़ रुपये की राशि वसूलने का निर्देश दिया गया था। याचिका पर 20 मार्च को सुनवाई होनी है।
जस्टिस विभू बाखरू ने आप की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें याचिका पर 20 मार्च को होने वाली सुनवाई को शीघ्र करने का आग्रह किया था। आरोप है कि सरकार ने गलत तरीके से मुख्यमंत्री केजरीवाल व पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए विज्ञापन पर यह राशि खर्च की है।
याचिका में आप पार्टी ने 30 मार्च को दिल्ली सरकार के सूचना और प्रचार विभाग द्वारा एलजी अनिल बैजल की ओर से राशि की वसूली के लिए दिए गए आदेश पर उन्हें जारी नोटिस को रद्द करने की मांग की है। उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को एक महीने में आम आदमी पार्टी से राशि वसूलने का आदेश दिया था।
16 सितंबर को कांग्रेस के नेता माकन ने भी दी थी शिकायत
याचिका में पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय समिति की उस रिपोर्ट को भी खारिज करने की मांग की गई है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को प्रोजेक्ट करने के लिए सरकारी धन पर विज्ञापन देने का जिम्मेदार ठहराया है। कमेटी ने इसे सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का उल्लंघन बताया है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर केंद्र सरकार ने सरकारी विज्ञापनों की जांच करने के लिए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त बीबी टंडन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। कमेटी ने यह निर्णय पिछले वर्ष 16 सितंबर को कांग्रेस के नेता अजय माकन की शिकायत पर दिया था।