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दिल्ली हिंसा के मामलों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने बनाई चार विशेष अदालतें
Tue, 16 Jun 2020 08:07 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 16 Jun 2020 08:07 PM IST
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दिल्ली उच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
हाईकोर्ट ने दिल्ली हिंसा के मामलों की सुनवाई के लिए चार विशेष अदालतें गठित की हैं। इनमें दो सत्र अदालतें तथा दो महानगर दंडाधिकारी अदालतें शामिल हैं। इन अदालतों में उत्तर पूर्वी दिल्ली और शाहदरा जिलों में हुई हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी।
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हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने 15 जून को दो आदेश जारी करते हुए नौ जजों का तबादला उत्तरी, उत्तर पूर्वी, शाहदरा, दक्षिण पूर्वी, मध्य तथा नई दिल्ली जिले की सत्र तथा मजिस्ट्रेेट कोर्ट में कर दिया। इन आदेशों में कहा गया कि मुख्य महानगर दंडाधिकारी (उत्तर पूर्वी), महानगर दंडाधिकारी-4 (शाहदरा) तथा इसी तरह अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-3 (उत्तर पूर्वी तथा शाहदरा) की अदालतों को दिल्ली हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत बनाया गया है।
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पुलिस आयुक्त ने कहा, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की दिल्ली हिंसा की जांच
इससे पहले सोमवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सीएए और एनआरसी के विरोध में हुई हिंसा मामले की पुलिस जांच पर उठ रहे सवालों पर दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि पुलिस ने निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हिंसा की जांच की है।
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पुलिस आयुक्त का कहना है कि आरोप लगाने वाले लोग दुर्भावना से प्रेरित हो सकते हैं। पुलिस का काम निष्पक्ष होकर कानून व्यवस्था कायम करना है। पुलिस पर आरोप लगाने वाले अदालतों पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं, क्योंकि पुलिस तो किसी को गिरफ्तार कर 24 घंटे ही अपने पास रख सकती है।
बाद में पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश करना होता है। ऐसे में आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला अदालत ही करती है। हिंसा की जांच के दौरान पुलिस ने कई छात्रों समेत बलवा करने वाले लोगों को सुबूतों के आधार पर ही गिरफ्तार किया है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा में कई छात्रों की गिरफ्तारी के बाद कई छात्र संगठनों, फिल्मकारों और सिविल सोसाइटी के लोगों ने पुलिस की आलोचना की थी। इन लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाए थे कि पुलिस किसी के प्रभाव में जानबूझकर कुछ खास लोगों पर ही कार्रवाई कर रही है।