गहलोत के विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने के मामले में HC ने जारी किया नोटिस, मांगा 10 दिनों में जवाब
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हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक कैलाश गहलोत के मंत्री बने रहने के मामले में कैलाश गहलोत समेत दिल्ली विधानसभा सचिव व केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने याचिका दायर कर पूर्व विधायक के मंत्री बने रहने व विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। जस्टिस रेखा पल्ली ने नोटिस जारी कर सभी पक्षों को 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
मामले की सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। इससे पहले जस्टिस पल्ली ने कहा वह पूर्व विधायक को विधानसभा जाने से रोकना चाहती हैं लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही हैं। पहले सभी पक्षों का जवाब आने दीजिए।
भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने दायर की थी याचिका
भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता, ओपी शर्मा व जगदीश प्रधान की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि जब चुनाव आयोग ने कैलाश गहलौत को अयोग्य ठहरा दिया था तो वह किस अधिकार से दिल्ली विधानसभा के सत्र में गए थे।
बता दें कि चुनाव आयोग ने अधिवक्ता प्रशांत पटेल की शिकायत पर सुनवाई के बाद आप के 20 विधायकों को लाभ का पद लेने का दोषी मानते हुए 19 जनवरी 2018 को अयोग्य ठहराया था।
आयोग की सिफारिशों पर राष्ट्रपति ने 20 जनवरी को अपनी स्वीकृति दे दी थी। इन पूर्व विधायकों में दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलौत भी शामिल थे।
हालांकि इन पूर्व विधायकों ने चुनाव आयोग के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इन याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले फैसला सुरक्षित रख लिया था।