फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High court seeks answers from central and Delhi government on personal examination in IPU

हाई कोर्ट ने आईपीयू में व्यक्तिगत परीक्षा पर केन्द्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

Tue, 03 Nov 2020 02:25 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Tue, 03 Nov 2020 02:25 PM IST
विज्ञापन
High court seeks answers from central and Delhi government on personal examination in IPU
court

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरू गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी द्वारा व्यक्तिगत परीक्षा आयोजित करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर केन्द्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। यह याचिका यूनिवर्सिटी के कानून पाठ्यक्रम के कई छात्रों ने मिलकर दायर की है। याचिका में यूनिवर्सिटी के इस फैसले को स्थगित या रद्द करने की मांग की गई है।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केन्द्र सरकार, दिल्ली सरकार, गुरू गोबिंद सिंह यूनिवर्सिटी, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, यूजीसी, विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज और एमिटी यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी करके अगली सुनवाई तक जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी। यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में परीक्षा 2 नवंबर से शुरू हुई है, हालांकि पीठ ने अभी इस मामले में कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया है।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता छात्रों की ओर से वकील भुवन गुगनानी नेयूनिवर्सिटी द्वारा व्यक्तिगत परीक्षा आयोजित करने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि छात्र उनके कॉलेजों द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत कई परीक्षाएं पहले ही दे चुके हैं और अब उन्हें ऑफलाइन मोड यानि व्यक्तिगत रूप से उसी पाठ्यक्रम के लिए दोबारा परीक्षा देने का निर्देश दिया गया है, जिसकी परीक्षा वे दे चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में कहा गया कि बेहद कम अंतराल के बीच दोबारा परीक्षा आयोजित होने से छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, जिस कारण छात्रों के वर्तमान सेमेस्टर की क्लासेस और परीक्षाओं की तैयारी करना नामुमकिन है। याचिकाकर्ता छात्रों की ओर से वकील जान्हवी और पारितोष धवन ने कहा कि कोरोना महामारी की स्थिति के बीच व्यक्ति रूप से परीक्षाएं आयोजित करने से छात्रों को परेशानी तो है ही साथ कोरोना संक्रमण की चपेट में भी आने का खतरा है।


याचिका में दावा किया गया है कि यूनिवर्सिटी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से जारी दिशा निर्देशों का भी उल्लंघन किया है। काउंसिल ने यूनिवर्सिटीज को निर्देश दिया था कि उनके पास अगर संसाधन हैं तो वे छात्रों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करवा सकते हैं, लेकिन व्यक्ति परीक्षा आयोजित करने की कोई अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद यूनविर्सिटी ने 30 सिंतबर को अधिसूचना जारी करके व्यक्तिगत परीक्षा के बारे में सूचित किया। छात्रों ने यूनिवर्सिटी के इस फैसले को स्थगित करने या रद्द करने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed