कोर्ट ने पलटा आदेश, मैनेजमेंट कोटे को हरी झंडी
दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में मैनेजमेंट कोटे की समाप्ति के केजरीवाल सरकार के आदेश पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। प्राइवेट स्कूलों की ओर से दायर याचिका की सुनवाई पर कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार ने 2007 के नोटिफिकेशन का उल्लंघन किया है, इसलिए इस फैसले को जारी नहीं रखा जा सकता।
बता दें कि 6 जनवरी को दिल्ली सरकार ने सभी निजी स्कूलों में कोटे के तहत प्रवेश की प्रक्रिया को खत्म करने का आदेश दिया था। सरकार का तर्क था कि इससे जरूरतमंद बच्चों के एडमिशन में बाधा पैदा होती है।
इस आदेश के खिलाफ दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों अदालत की शरण ली। इस बीच स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया भी रोक दी गई थी। परिजनों ने अपने बच्चों के प्रवेश से संबंधित फॉर्म पहले ही जमा कर दिए हैं और पहली लिस्ट 15 फरवरी को जारी होने की संभावना है।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने फैसले के पक्ष में अपनी दलील पेश की थी। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने खुद कहा कि उनके पास रोज 20 से 30 पत्र आते हैं जिनमें बच्चों के एडमिशन के संबंध में सिफारिश करने के लिए कहा जाता है।
सरकार के पास नहीं है कानूनी अधिकार
मनीष सिसोदिया ने कोर्ट में बताया कि निजी स्कूलों व्यापार का अड्डा बन गए हैं और कोटे के नाम पर बेवजह पैसे उगाहे जा रहे हैं। सरकार चाहती है कि निजी स्कूलों के इस बर्चस्व को समाप्त किया जाए।
हालांकि सुनवाई के दौरान भी कोर्ट ने सरकार से कहा था कि अगर उनके पास ऐसी शिकायतें हैं तो उन्हें उचित कार्यवाही करते हुए दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।
कोर्ट ने सरकार को इस बात के लिए भी फटकार लगाई थी कि निजी स्कूलों के कोटे को समाप्त करने का उसके पास कोई कानूनी अधिकार भी नहीं है।