{"_id":"5b5de8fd4f1c1bb8538b5e1c","slug":"high-court-rejects-petition-of-son-in-property-dispute-fines-one-lakh-rupees","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मां से संपत्ति विवाद में हाईकोर्ट ने खारिज की बेटे की अपील, एक लाख का जुर्माना भी लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां से संपत्ति विवाद में हाईकोर्ट ने खारिज की बेटे की अपील, एक लाख का जुर्माना भी लगाया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 29 Jul 2018 09:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने संपत्ति विवाद में एक बुजुर्ग महिला के बेटे की याचिका खारिज करते हुए एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि बच्चों द्वारा अपने बुजुर्ग माता-पिता को प्रताड़ित करने का यह बड़ा मामला है।
यह याचिका पूरी तरह हिंदी फिल्म 102 नॉटआउट की कॉपी है। जस्टिस वाल्मिकी जे. मेहता ने याचिका खारिज करते हुए इसे पूरी तरह बेबुनियाद, तर्कहीन व कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया।
कोर्ट ने जुर्माने की राशि छह सप्ताह के भीतर मां को देने का निर्देश बेटे को दिया है। पेश मामले में पीड़िता बुजुर्ग विधवा है, जिसका एक बेटा व एक बेटी है। उसकी बेटी ने चितरंजन पार्क स्थित संपत्ति के बंटवारे के लिए याचिका दायर की थी।
विज्ञापन
इसमें उसकी मां ने उसका समर्थन किया था। इस मामले में निचली अदालत ने फैसला सुनाते हुए संपत्ति का बंटवारा करने का निर्देश दिया था। इस फैसले को बेटे ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
विज्ञापन
यह याचिका पूरी तरह हिंदी फिल्म 102 नॉटआउट की कॉपी है। जस्टिस वाल्मिकी जे. मेहता ने याचिका खारिज करते हुए इसे पूरी तरह बेबुनियाद, तर्कहीन व कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया।
विज्ञापन
कोर्ट ने जुर्माने की राशि छह सप्ताह के भीतर मां को देने का निर्देश बेटे को दिया है। पेश मामले में पीड़िता बुजुर्ग विधवा है, जिसका एक बेटा व एक बेटी है। उसकी बेटी ने चितरंजन पार्क स्थित संपत्ति के बंटवारे के लिए याचिका दायर की थी।
विज्ञापन
इसमें उसकी मां ने उसका समर्थन किया था। इस मामले में निचली अदालत ने फैसला सुनाते हुए संपत्ति का बंटवारा करने का निर्देश दिया था। इस फैसले को बेटे ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा, यह समझना मुश्किल है कि बेटा अपने पिता की संपत्ति में से आधा हिस्सा अपनी बहन को देने से कैसे विरोध कर सकता है।
कोर्ट ने बुजुर्ग महिला के वकील की इस बात पर गौर किया कि याची ने अपनी मां को परेशान करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। कोर्ट ने याची से पूछा था कि क्या वह अपील वापस लेना चाहता है।
क्योंकि सभी पक्ष मिलकर अपने संबंधों को दोबारा सही कर सकते हैं लेकिन याची ने इससे इंकार करते हुए फैसला सुनाने का आग्रह किया था
कोर्ट ने बुजुर्ग महिला के वकील की इस बात पर गौर किया कि याची ने अपनी मां को परेशान करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। कोर्ट ने याची से पूछा था कि क्या वह अपील वापस लेना चाहता है।
क्योंकि सभी पक्ष मिलकर अपने संबंधों को दोबारा सही कर सकते हैं लेकिन याची ने इससे इंकार करते हुए फैसला सुनाने का आग्रह किया था