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प्रदूषण पर हाईकोर्ट ने फिर जताई नाराजगी, तय मानक से चार गुना अधिक प्रदूषण 

Sat, 19 Nov 2016 10:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 19 Nov 2016 10:24 AM IST
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high court not satisfied effort taken by state to control pollution in delhi ncr
- फोटो : जी पॉल/अमर उजाला
हाईकोर्ट ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण पर एक बार फिर नाराजगी जताई है। अदालत ने पंजाब, राजस्थान, हरियाणा व उत्तर प्रदेश सरकार को डीजल से चलने वाली ऑल इंडिया परमिट वाली सभी टैक्सियों को सीएनजी में परिवर्तित करने की योजना पर विचार करने का निर्देश दिया है।
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इतना ही नहीं अदालत ने दिल्ली सरकार को 20 नवंबर को आयोजित होने वाले हाफ मैराथन से पहले वायु प्रदूषण के स्तर पर एडवाइजरी जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा राजधानी में चलना- दौड़ना भी सुरक्षित नहीं हैं।
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न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने सभी आसपास के राज्यों को टैक्सियों को सीएनजी में परिवर्तित करने की योजना पर तीन सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने 17 मिलियन टन ट्रॉ कचरे में से 13 मिलियन को जलाने पर भी गहरी चिंता जताई।
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 अदालत ने कहा दिल्ली में तो सभी टैक्सियां व अन्य परिवहन व्यवस्था सीएनजी पर है और इसके कारण प्रदूषण काफी काम भी हुआ है लेकिन पंजाब, राजस्थान, हरियाणा व यूपी से आने वाली टैक्सियां डीजल से चलती है और उनके कारण दिल्ली में प्रदूषण बढ़ जाता है। ऐसे में उनको भी सीएनजी में करने की जरूरत है।

प्रदूषण तय मानकों से चार गुणा अधिक है

high court not satisfied effort taken by state to control pollution in delhi ncr
खंडपीठ ने कहा दिल्ली में वायु प्रदूषण तय मानकों से चार गुणा अधिक है। हैरानी की बात है कि ऐसे हालात में मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। अदालत ने कहा कि लैंडफिल साइटों पर आग लगने से होने वाला प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है।

अदालत ने एमसीडी को इन पर तुरंत काबू पाकर रोकने का निर्देश दिया है। वहीं अदालत ने प्रदूषण के मद्देनजर एमसीडी व अन्य सिविक एजेंसियों को निर्माण कार्य से होने वाली धूल, पटाखों से होने वाले धुएं आदि पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने इन राज्यों में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण पर एक बार फिर चिंता जाहिर करते हुए खासतौर पर पंजाब को हलफनामा दायर कर पराली पर अपनी कार्ययोजना पेश करने को कहा है। ताकि 2017 में इस प्रकार की समस्या सामने न आए। 
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