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दिल्ली पुलिस के 3 अफसरों को कोर्ट अवमानना नोटिस

Wed, 29 Oct 2014 06:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 29 Oct 2014 06:28 AM IST
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High Court gives court contempt notice to 3 police officers.

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में रोक के बावजूद ई-रिक्शा चलने के मुद्दे पर संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) अनिल शुक्ला व परिवहन आयुक्त सतीश माथुर को अवमानना नोटिस जारी किया है। दोनों पर अदालत के आदेश पर उल्लंघन करके ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप है।

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अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता शाहनवाज खान की याचिका पर नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। न्यायमूर्ति वीके शाली ने मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि यह काफी गंभीर मामला है। हाईकोर्ट की खंडपीठ के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है।
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ई-रिक्शा पर रोक है, लेकिन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। अदालत ने दोनों अधिकारियों को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न उनके खिलाफ अदालत के आदेश का उल्लंघन करने पर अवमानना कार्रवाई शुरू की जाए।
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इससे पूर्व याची के अधिवक्ता सुग्रीव दुबे ने अदालत को बताया कि मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं है। राजधानी की सड़कों पर 250 वॉट से अधिक क्षमता वाले ई-रिक्शा गैरकानूनी रूप से चल रहे हैं जबकि यह मोटर वाहन अधिनियम के तहत व्यावसायिक वाहनों की श्रेणी में आता है।

गैरकानूनी रूप से चलने वाले ई-रिक्शा के कारण जाम तो लग ही रहा है। यह आम लोगों के जीवन के लिए भी खतरनाक है। इनका न तो पंजीकरण है, न ही बीमा। इसके अलावा कोई नंबर प्लेट भी नहीं है। ऐसे में हादसा होने से पीड़ित को मुआवजा भी नहीं मिल सकता। दिल्ली यातायात पुलिस व परिवहन विभाग सहित अन्य विभागों ने भी माना है कि ई-रिक्शा का संचालन गैरकानूनी है और हाईकोर्ट ने इसके संचालन पर रोक लगा रखी है।


न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने फैसले में स्पष्ट कहा था कि ई-रिक्शा के परिचालन को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा नियम बनाए जाने तक उन पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इसके बावजूद संबंधित विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे। यह सरासर अदालत के आदेश का उल्लंघन है। अत: संबधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

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