{"_id":"62139548eb76de1829539c31","slug":"high-court-directs-delhi-police-to-file-status-report-on-plea-seeking-reopening-of-spas-and-wellness-clinic","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: स्पा और वेलनेस क्लिनिक को फिर से खोलने की मांग याचिका पर पुलिस से रिपोर्ट तलब, पढ़ें पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: स्पा और वेलनेस क्लिनिक को फिर से खोलने की मांग याचिका पर पुलिस से रिपोर्ट तलब, पढ़ें पूरा मामला
Mon, 21 Feb 2022 07:06 PM IST
प्रशांत कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 21 Feb 2022 07:06 PM IST
सार
याचिकाकर्ता ने कहा कि जब उसने अपना स्पा खोलने की कोशिश की तो उसे पुलिस अधिकारियों ने इस आधार पर रोक दिया कि मोहन गार्डन के एसएचओ के सख्त आदेश हैं कि किसी भी कीमत पर उसके अधिकार क्षेत्र में कोई स्पा नहीं खोला जाएगा। यदि कोई स्पा मिलता है खोले जाने पर स्पा मालिक और भवन के मकान मालिक पर मुकदमा चलेगा और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी
विज्ञापन
दिल्ली उच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
विस्तार
उच्च न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को एक स्पा और वेलनेस क्लिनिक को फिर से खोलने की मांग करने वाली याचिका पर एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। याची ने आरोप लगाया कि डीडीएमए के आदेश के बावजूद कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के साथ ऐसे केंद्रों को फिर से खोलने की अनुमति देने के बावजूद व्यवसाय करने के लिए प्रतिबंधित किया जा रहा है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव ने पुलिस दो दिनों के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 28 फरवरी तय की है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के वकील सत्यकाम ने बताया कि स्पा केंद्र जहां कथित यौन गतिविधियां चल रही थीं वे बंद रहेंगे और वाणिज्यिक स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस के अनुसार चल रहे है उन पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
विज्ञापन
अदालत सुखबीर सिंह की एक याचिका पर सुनवाई कर रही है जो व्हाइट हेवन स्पा एंड वेलनेस के नाम से अपना स्पा और वेलनेस क्लिनिक चला रहा है। याची ने केंद्र को संचालित करने की अनुमति नहीं देने के अधिकारियों के रवैये को गैरकानूनी बताते हुए चुनौती दी है। उन्होंने दावा किया कि वह सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी सभी मानदंडों, नियमों और विनियमों का पालन कर रहे हैं।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता राजेश्वर डागर ने कहा कि जब तक उन्हें स्पा सेंटर खोलने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक अधिकारी यह कैसे निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि वहां कोई अवैध गतिविधियां चल रही है। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता को अप्रैल 2021 में स्पा सेंटर संचालित करने का लाइसेंस मिला और उसी साल दिसंबर में कुछ पुलिस अधिकारियों ने परिसर में घुसकर वहां काम करने वाले सभी पुरुष और महिला कर्मचारियों को जबरन हिरासत में ले लिया और कथित तौर पर उनके खिलाफ झूठी कहानी बनाई।
28 दिसंबर, 2021 को, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के आदेश के बाद याचिकाकर्ता को कोविड -19 के कारण अपना स्पा व्यवसाय बंद करना पड़ा, और इस साल 4 फरवरी को अधिकारियों ने स्पा और वेलनेस सेंटरों को अनुमति दी। राष्ट्रीय राजधानी में कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन फिर से खोलने के लिए यह कहा।