{"_id":"5b71d26242c7923043399489","slug":"high-court-damnate-to-noida-police-over-shahberi-building-collapse-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शाहबेरी हादसा: एफआईआर में गलत नाम शामिल करने पर हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाहबेरी हादसा: एफआईआर में गलत नाम शामिल करने पर हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
building collapse shaberi
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी गांव में दो इमारतों के ढहने के मामले में हाईकोर्ट ने एफआईआर में दर्ज आरोपियों की गिरफ्तारी पर फिलहाल यह कहते हुए रोक लगा दी है कि पुलिस पहले आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए।
बिसरख कोतवाली क्षेत्र के शाहबेरी गांव में 17 जुलाई की रात दो अवैध इमारत ढह गई थी, जिसके मलबे में दबकर नौ लोगों की मौत हो गई थी। मामले में बिसरख कोतवाली में 74 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
आरोप है कि ऐसे लोगों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए हैं, जिनका शाहबेरी की इमारत से कोई सरोकार नहीं था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की रिपोर्ट पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।
विज्ञापन
प्राधिकरण व अभियोजन पक्ष की लापरवाही की वजह से जिला पुलिस को हाईकोर्ट ने फटकार लगाई। कोर्ट ने संयुक्त निदेशक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष को कानून की अज्ञानता है।
विज्ञापन
बिसरख कोतवाली क्षेत्र के शाहबेरी गांव में 17 जुलाई की रात दो अवैध इमारत ढह गई थी, जिसके मलबे में दबकर नौ लोगों की मौत हो गई थी। मामले में बिसरख कोतवाली में 74 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
आरोप है कि ऐसे लोगों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए हैं, जिनका शाहबेरी की इमारत से कोई सरोकार नहीं था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की रिपोर्ट पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।
विज्ञापन
प्राधिकरण व अभियोजन पक्ष की लापरवाही की वजह से जिला पुलिस को हाईकोर्ट ने फटकार लगाई। कोर्ट ने संयुक्त निदेशक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष को कानून की अज्ञानता है।
उन्हे कानून की पढ़ाई पढ़ने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि मामले में जांच से पहले कोई गिरफ्तारी न की जाए। चार्जशीट तैयार कर पुलिस आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्र करे। कोर्ट ने कहा मामले में गलत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसको दुरुस्त किया जाए।
पहली एफआईआर 24 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी जो कि धराशायी हुई इमारत से जुड़े थे, जिसमें जमीन मालिक, बिल्डर, ब्रोकर व कई अन्य लोग शामिल हैं।
बाद में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से 74 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जो कि शाहबेरी में अवैध इमारत बनाने में सक्रिय रहे। आरोप है कि इनमें ऐसे लोगों के नाम शामिल कर दिए गए जो कि अवैध इमारत से जुड़े नहीं थे।
कई लोग ऐसे हैं, जिनकी शाहबेरी में जमीन है, लेकिन उस पर कोई निर्माण नहीं किया गया है। खसरा नंबर के आधार पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। वे लोग हाईकोर्ट चले गए, जिस पर कोर्ट ने एसएसपी गौतमबुद्ध नगर को तलब कर लिया। सोमवार को एसएसपी डॉ अजयपाल शर्मा ने कोर्ट में पुलिस की तरफ से अपना जवाब रखा।
पहली एफआईआर 24 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी जो कि धराशायी हुई इमारत से जुड़े थे, जिसमें जमीन मालिक, बिल्डर, ब्रोकर व कई अन्य लोग शामिल हैं।
बाद में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से 74 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जो कि शाहबेरी में अवैध इमारत बनाने में सक्रिय रहे। आरोप है कि इनमें ऐसे लोगों के नाम शामिल कर दिए गए जो कि अवैध इमारत से जुड़े नहीं थे।
कई लोग ऐसे हैं, जिनकी शाहबेरी में जमीन है, लेकिन उस पर कोई निर्माण नहीं किया गया है। खसरा नंबर के आधार पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। वे लोग हाईकोर्ट चले गए, जिस पर कोर्ट ने एसएसपी गौतमबुद्ध नगर को तलब कर लिया। सोमवार को एसएसपी डॉ अजयपाल शर्मा ने कोर्ट में पुलिस की तरफ से अपना जवाब रखा।