नजीब केस की पुरानी रिपोर्ट भेजने पर कोर्ट की फटकार, कहा- मामला जांच के लिए सौंपा, मस्ती के लिए नहीं
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जेएनयू के छात्र नजीब अहमद की गुमशुदगी के मामले में पुरानी रिपोर्ट पेश करने पर हाईकोर्ट ने सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई है। यह वही रिपोर्ट है, जो पिछली तारीख पर पेश की गई थी। अदालत ने कहा कि सीबीआई को जांच के लिए मामला सौंपा गया था न कि मौज मस्ती के लिए।
जस्टिस जीएस सिस्तानी व जस्टिस चंद्रशेखर ने कहा कि मामला 17 जुलाई को इसलिए स्थगित नहीं किया गया था कि जांच एजेंसी वही पुरानी रिपोर्ट पेश कर दे। खंडपीठ ने एजेंसी को 6 सितंबर को ताजा स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने सीबीआई से उन लोगों के संबंध में जांच के बारे में पूछा, जिन्होंने नजीब अहमद के गायब होने से पहले उससे मारपीट की थी। दूसरी ओर, सीबीआई ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट में इस बिंदु की भी जानकारी दी जाएगी। मामले की जांच चल रही है और केस को अंतिम नतीजे तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन इसमें थोड़ा समय लगेगा। वे दिल्ली पुलिस द्वारा की गई जांच की भी पड़ताल कर रहे हैं।
16 मई को सीबीआई को सौंपा गया था केस
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने नजीब अहमद की गुमशुदगी मामले की जांच 16 मई को सीबीआई को सौंपी थी। यह निर्देश नजीब की मां फातिमा नफीस की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया था।
नजीब अहमद 15 अक्तूबर 2016 की रात अचानक गायब हो गया था। उसकी मां का कहना है कि नजीब के गायब होने से पहले एबीवीपी के सदस्य छात्रों से उसका झगड़ा हुआ था।