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हाईकोर्ट ने पूछा, बगैर लाइसेंस चल रहे बैंक्वेट हॉल पर कार्रवाई क्यों नहीं!
Thu, 18 Jul 2019 08:17 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 18 Jul 2019 08:17 PM IST
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DELHI HIGH COURT
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हाईकोर्ट ने राजधानी में बगैर लाइसेंस और अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना चल रहे बैंक्वेट हॉल पर कार्रवाई नहीं करने पर तीनों नगर निगम व दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
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हाईकोर्ट ने ऐसे बैंक्वेट हॉल की सूची पेश करने और उन पर कार्रवाई करने के लिए सरकार व एजेंसियों को आखिरी मौका देते हुए 2 माह की मोहलत दी है। करोलबाग के होटल अर्पित पैलेस में आग लगने से कई लोगों की झुलसने से मौत हो गई थी।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने सरकार व एजेंसियों को फटकार लगाते हुए पूछा कि नियमों का उल्लंघन कर चल रहे बैंक्वेट हॉल पर क्या कार्रवाई की गई। क्या उन्हें अग्नि सुरक्षा उपाय करने के लिए नोटिस जारी किया गया और इस पर उन्होंने कुछ किया।
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यदि नहीं किया तो ऐसे बैंक्वेट हॉल को बंद कर दिया जाना चाहिए था। खंडपीठ ने इस बात पर भी गौर किया कि कई आदेशों के बाद बिना लाइसेंस व अग्नि सुरक्षा उपायों के चल रहे बैंक्वेट हॉल व समुदाय भवनों की सूची दिल्ली सरकार या निगमों ने कोर्ट में पेश नहीं की है।
खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता अर्पित भार्गव की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। भार्गव ने नियमों का उल्लंघन कर चल रहे होटल व गेस्ट हाउस पर कार्रवाई करने की मांग की थी। याचिका पर अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को होगी।
याची का कहना था कि दिल्ली सरकार व नगर निगम लगातार हाईकोर्ट के आदेशों की अवेहलना कर रहे हैं। कोर्ट ने पहली बार जुलाई 2017 में आदेश जारी कर ऐसे बैंक्वेट हॉल व होटलों की सूची मांगी थी जो नियमों को ताक पर रखकर बिना लाइसेंस चल रहे थे। याची का कहना है कि इनकी समय-समय पर निगरानी के लिए नीति बनाने व उसे सख्ती से लागू करने का आदेश सरकार को दिया जाए।