रिकॉर्ड तोड़ ठंड से राजधानी दिल्ली में 35 फीसदी बढ़े हार्ट अटैक के मामले
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पश्चिमी दिल्ली के निवासी 65 वर्षीय रामकुमार बत्रा ने तीन वर्ष पहले अगस्त 2015 में एंजियोप्लास्टी कराई थी। दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में उन्हें तीन स्टेंट लगाए गए थे, लेकिन पिछले दो सप्ताह में पड़ी रिकॉर्ड तोड़ ठंड में उन्हें दोबारा परेशानी होने लगी। उनकी सांस उखड़ने लगी और हार्ट अटैक आ गया। उन्हें तत्काल जीबी पंत अस्पताल ले जाया गया।
यहां आपातकालीन विभाग में उपचार के बाद फिलहाल उन्हें कार्डियोलॉजी यूनिट में भर्ती किया हुआ है। ठीक इसी तरह 69 वर्षीय प्रकाश आनंद ने 2016 में कार्डियक प्रोसीजर-स्टेंटिंग करवाई थी, उनके हार्ट में ब्लॉकेज थी। वह पिछले सप्ताह बीएलके अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे, जहां उनकी कोरेनरी एंजियोग्राफी हुई और इंट्रा एओर्टिक बलून पंप सहित कुछ प्रोसीजर के जरिए जान बचाई।
पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी रिकॉर्ड तोड़ ठंड में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बीएलके अस्पताल में ही अब तक हार्ट अटैक के 10 केस सामने आए हैं जबकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 20 से 31 दिसंबर के बीच 15 मरीज हार्ट अटैक आने के बाद भर्ती हुए।
इनमें से पांच मरीज ऐसे हैं, जिनकी कुछ वर्ष पहले ही एंजियोप्लास्टी हुई थी। इसी अवधि में नई दिल्ली स्थित आरएमएल अस्पताल में तीन, सफदरजंग में चार और जीबी पंत अस्पताल में 12 मरीजों को हार्ट अटैक के बाद भर्ती कराया गया। इनमें ज्यादातर पहले से ही हृदय रोगी हैं। राहत की बात है कि ज्यादातर मरीज खतरे से बाहर हैं।
एक दिन पहले ही एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा था कि इस मौसम में हृदय व श्वास रोगियों को काफी ध्यान रखने की जरूरत है। एम्स में ही ओपीडी में 20 से 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार सर्दियों में शरीर की गर्मी को बनाए रखने के लिए हमारे दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। तापमान में गिरावट से धमनियों में भी कसाव आता है जो रक्त के प्रवाह को प्रतिबंधित कर देता है और हृदय में ऑक्सीजन की आपूर्ति को कम कर देता है। इससे दिल का दौरा पड़ सकता है।
बीएलके अस्पताल के डॉ. सुभाष चंद्र ने बताया कि उनके यहां बीते मंगलवार तक हार्ट अटैक के 10 केस पहुंचे। इनमें से कुछ की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उन्होंने मरीज प्रकाश आनंद के बारे में बताया कि वह अब ठीक हैं और उन्हें छुट्टी दे दी गई है। कड़ाके की ठंड के कारण मरीज को परेशानी हुई। वहीं दिल्ली सरकार के जीबी पंत अस्पताल के डॉ. प्रेम अग्रवाल ने बताया कि इस बार दिल्ली में पहाड़ों से भी ज्यादा ठंड पड़ रही है। तापमान काफी कम होने से हृदय व श्वास संबंधी रोगियों को दिक्कत होती है। उनके यहां भी ठंड की वजह से हार्ट अटैक के 12 केस आए हैं।
हार्मोन के प्लाज्मा स्तर में बदलाव भी संकेत : एम्स
एम्स के वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश यादव का कहना है कि हार्मोन के प्लाज्मा स्तर में बदलाव, उच्च रक्तचाप और पैर व हाथों में सूजन भी जोखिम के संकेत हो सकते हैं। अपने रक्तचाप पर बराबर निगरानी के साथ अगर मधुमेह है तो उसे नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों की सलाह
- दिल के रोगियों को अपनी नियमित दवाओं को नहीं भूलना चाहिए।
- सर्द लहरों से खुद को बचाएं, ठंड में दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।
- 60 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों को खास ख्याल की जरूरत।
- जिस कमरे में रहते हैं उसे गर्म रखें। बाहर टहलने के लिए निकलते वक्त पूरा शरीर कवर करें।
- फर्श पर नंगे पैर बिलकुल न चलें। शरीर को गरम बनाए रखने के लिए घर में ही थोड़ा बहुत चलें।
- धूम्रपान और ज्यादा शराब पीने से बचें, शरीर में पर्याप्त हाइड्रेशन होना जरूरी।
- फल-सब्जियों और कम वसा वाले भोजन का सेवन करना जरूरी।