आज होगा दिल्ली में राष्ट्रपति शासन पर फैसला!
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लोकसभा चुनाव में एक-दूसरे की विरोधी कांग्रेस और भाजपा ने ‘आप’ की उस दलील पर सुप्रीम कोर्ट में कड़ा विरोध किया है, जिसमें केजरीवाल सरकार के गिरने पर लागू किए गए राष्ट्रपति शासन के मद्देनजर दिल्ली विधानसभा को भंग किए जाने का तर्क दिया गया है।
दोनों पार्टियों ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में तब हलफनामा दाखिल किया है, जबकि राष्ट्रपति शासन को चुनौती देने वाली ‘आप’ की याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार को है।
इस मुद्दे पर एक हो गईं बीजेपी, कांग्रेस
कांग्रेस ने कहा है कि राष्ट्रपति शासन को कायम रखा जाना चाहिए क्योंकि उसके पास सरकार बनाने के लिए विधायकों की संख्या कम है।
साथ ही कहा है कि जल्दबाजी में विधानसभा चुनाव कराया जाना जनता के लिए परेशानी और सरकारी धन के खर्च का बोझ बढ़ाएगा।
वहीं, भाजपा ने भी राष्ट्रपति शासन का समर्थन करते हुए ‘आप’ पर आरोप लगाया है कि उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में राजनीतिक उद्देश्य के लिए याचिका दायर की गई है ताकि वह अपने विधायकों के पार्टी से उठते भरोसे और सुरक्षा को कायम रख सके।