स्वास्थ्य विभाग ने दादरी में 200 घरों को किया चिन्हित, 6 बच्चे अस्पताल में भर्ती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डिप्थीरिया की बीमारी से नगर में दो बच्चों की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 200 घरों को जांच के लिए चिन्हित किया। जिनमें छह बच्चों को दादरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। उनका उपचार चल रहा है। दूसरी तरफ, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जेवर में टीकाकरण अभियान की तैयारी शुरू कर दी है।
हाल ही में दादरी में डिप्थीरिया की बीमारी के चलते मोहल्ला नई आबादी में मंतसा पुत्री जुम्मा और आहिल पुत्र बजरूद्दीन की मौत हो गई थी। इसके चलते रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नई आबादी में करीब 200 घरों को चिन्हित किया। अब तक छह बच्चों इकराम, इरम, आयसा, खुशी और आक्सा के गले में परेशानी दिखी। उन्हें सरकारी एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका टेस्ट कराया गया, लेकिन उनमें डिप्थीरिया के लक्षण नहीं पाए गए।
दादरी निवासी समाजसेवी रज्जाक अहमद कहते हैं कि पोलियो की दवा पिलाने को लेकर भ्रम बना हुआ था, लेकिन बाद में लोगों को समझाया गया तो वे मान गए। अगर इस टीके को लेकर नपुंसकता का भय है तो उसे अभियान चलाकर दूर किया जाएगा। बता दें कि जेवर निवासी शाकिर की बेटी हुमेरा की 11 सितंबर को मौत हो गई थी। उसमें भी डिप्थीरिया के लक्षण मिले थे। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इससे इंकार किया है।
क्या हैं डिप्थीरिया के लक्षण
डिप्थीरिया की बीमारी में हल्का बुखार होता है। शरीर में दर्द होना, धीमे से गले में दर्द होना, खाना खाने में परेशानी तथा सांस लेने में परेशानी होती है।
टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा
चिकित्साधिकारी अमित कुमार का कहना है कि छह सप्ताह से छह साल तक के बच्चों के लिए दादरी व जेवर में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। विभागीय अधिकारी अनिल गुप्ता का कहना है कि नंगला छीतर और नंगला हांडा के कुछ बच्चों में डिप्थीरिया के लक्षण मिले हैं। इन गांव में टीकाकरण अभियान चलाकर बीमारी की रोकथाम की जाएगी।