जेटली के कार्यकाल में उड़ीं नियमों की धज्जियां
आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को एक बार फिर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि मुदगल कमेटी की रिपोर्ट साफ-साफ बताती है कि जेटली के डीडीसीए अध्यक्ष रहते हुए नियम-कानून की धज्जियां उड़ाई गईं।
वहीं, लेन-देन का भी कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया। आप ने डीडीसीए के कथित घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाते हुए जेटली का इस्तीफा मांगा है। आप नेता आशुतोष ने कहा कि पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (सेवा.) मुकुल मुदगल की जांच रिपोर्ट से साफ हो गया है कि डीडीसीए के वरिष्ठ अधिकारियों समेत कार्यालय पदाधिकारियों ने नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं।
वहीं, बैठकों का कोई रिकॉर्ड भी नहीं रखा। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के पेज नंबर 13 पर साफ-साफ लिखा है कि टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी। पहले के मैचों का इससे जुड़ा रिकॉर्ड भी नदारद है। टेंडर कमेटी के साथ दूसरी कमेटियों का भी कोई रिकॉर्ड नहीं है।
14 साल में हुए मैच का कोई ब्योरा जेटली के पास नहीं है
आशुतोष ने कहा कि रिपोर्ट से इस बात की कोई आशंका नहीं रह जाती कि डीडीसीए में पारदर्शिता व उत्तरदायित्व का पूरा अभाव था। सारा माहौल भ्रष्टाचार करने के लिए आदर्श मौका देता था।
14 साल में हुए मैच का कोई ब्योरा जेटली के पास नहीं है। भारी खर्च पर बनाये गये स्टेडियम में फिलहाल कॉकरोच घूम रहे हैं। वहां इंटरनेट तक की सुविधा नहीं है।
आप नेता ने कहा कि ऐसी हालत में जेटली का आचरण पूरी तरह संदिग्ध है। अगर वह डीडीसीए के भ्रष्टाचार को रोकने में नाकाम रहे तो उनसे देश का वित्त मंत्रालय कैसे संभलेगा। आशुतोष ने मांग की है कि जेटली का डीडीसीए घोटाले की जिम्मेदारी लेते हुए खुद अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।