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फर्जी बिल लगाकर मुख्यमंत्री को ही लगा रहा था चूना
सौम्य मिश्र/अमर उजाला,नोएडा
Updated Mon, 04 Jan 2016 04:22 AM IST
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प्रदेश के मुख्यमंत्री से फर्जी मेडिकल बिल लगाकर इलाज के लिए करीब 1.80 लाख रुपये मांगने का मामला सामने आया है। लखनऊ से आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब मामले की जांच की तो यह गड़बड़ी सामने आई। कमेटी ने डीएम को जांच रिपोर्ट भेज दी है।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जहांगीरपुर के जगवीर सिंह ने इलाज के लिए सीएम से करीब 1.80 लाख रुपये की मदद मांगी कि वह ठीक से चल नहीं पाता है। जांच करने गई टीम को उन्होंने बताया कि एक दुर्घटना के बाद उनकी यह स्थिति हो गई। एसीएमओ डॉ. बीर बहादुर ढाका ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच की।
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मरीज ने प्रार्थना पत्र के साथ दो निजी अस्पतालों में इलाज का बिल और मेडिकल लगा रखा था। जेवर के जिस निजी अस्पताल का मेडिकल बिल लगा रखा था, जांच में वह फर्जी पाया गया। टीम जब दिए बिल के आधार पर उस पते पर पहुंची तो वह बंद मिला। बिल 2014 का था। जिस अवधि का बिल था, उससे पहले ही वह निजी अस्पताल बंद हो चुका था।
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स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रेशन भी एक क्लीनिक के नाम पर था, जो आयुर्वेदिक क्लीनिक था। कैलाश अस्पताल का भी उसने मेडिकल और बिल दिया था जो करीब 35 हजार रुपये था। जांच में यह बिल सही पाया गया है। इस राशि के सही होने की जानकारी समेत पूरी जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।