फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   HCNG: There will be less damage to the environment, fuel will also be saved

एचसीएनजी : पर्यावरण को कम होगा नुकसान, ईंधन भी बचेगा

Fri, 06 Nov 2020 02:02 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Fri, 06 Nov 2020 02:02 PM IST
सार

-इसके इस्तेमाल से कम हो जाएगा 70 फीसदी कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन
 

विज्ञापन
HCNG: There will be less damage to the environment, fuel will also be saved
सीएनजी

विस्तार

वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वाहनों में हाइड्रोजन एनरिचेड (समृद्ध) सीएनजी यानी एचसीएनजी का इस्तेमाल अधिक कारगर साबित हो सकता है। इससे कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन 70 फीसदी तक कम हो जाएगा और ईंधन की गुणवत्ता (कैलोरिफिक वैल्यू) बेहतर होने के साथ करीब पांच फीसदी की बचत भी होगी। खास बात यह है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाला हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन भी कम हो जाएगा।

विज्ञापन


हाल ही में दिल्ली सरकार ने इंडियन ऑयल के साथ मिलकर इस दिशा में पहल की है। शुरुआत में 50 बसों में ट्रायल के तौर पर एचसीएनजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे होने वाले गैसों के उत्सर्जन और ईंधन की गुणवत्ता को देखने के बाद अन्य बसों के साथ-साथ हो सकता है कि निजी वाहनों में भी एचसीएनजी का इस्तेमाल किया जाए। पर्यावरण विशेषज्ञ एसके त्यागी का कहना है कि वाहनों में एचसीएनजी के इस्तेमाल से हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन कम होगा तो पर्यावरण को भी नुकसान भी कम होगा।
विज्ञापन


स्वास्थ्य पर विपरीत असर
एचसीएनजी से निकलने वाले नाइट्रोजन ऑक्साइड का मनुष्य की सेहत पर विपरीत असर पड़ता है। यदि इसकी मात्रा कम कर दी जाए तो आने वाले दिनों में अन्य वाहनों में भी अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा सकेगा। ट्रायल के दौरान विशेषज्ञों की कोशिश है कि कैसे इसे कम किया जाए, ताकि पर्यावरण के लिहाज से एक बेहतर ईंधन का सामान्य तौर पर अधिक इस्तेमाल हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


निजी वाहनों में भी बाद में होगा इस्तेमाल
फिलहाल एचसीएनजी का इस्तेमाल 50 वाहनों में ट्रायल के तौर पर किया जा रहा है। हर पहलु का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि एचसीएनजी को एक उत्कृष्ट क्लीन फ्यूल बनाने के लिए सभी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। अगले पांच महीने बाद इसके नतीजे भी सामने होंगे। नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी के साथ-साथ कई और सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की जा रही है। परिवहन मंत्री पहले भी कह चुके हैं ट्रायल की सफलता के बाद अन्य बसों के साथ साथ निजी वाहनों में भी इसके इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed