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हाईकोर्ट ने डीजीपी नियुक्ति मामले में हरियाणा सरकार व यूपीएससी से मांगा जवाब
Fri, 12 Apr 2019 04:27 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 12 Apr 2019 04:27 AM IST
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हाईकोर्ट ने हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज यादव की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) व हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने यूपीएससी, हरियाणा सरकार के साथ मनोज यादव को नोटिस जारी कर पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 जुलाई की तारीख तय की गई है।
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हरियाणा कैडर के 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी प्रभात रंजन देव ने मनोज यादव की नियुक्ति को चुनौती दी है। उनका आरोप है कि मनोज यादव की 18 फरवरी 2019 को हरियाणा में डीजीपी पद पर नियुक्ति हुई, यह पूरी तरह से गलत है। वे 33 सालों से पुलिस सेवा में हैं। उनकी वरीयता को दरकिनार कर यादव को डीजीपी बनाया गया है।
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याचिका पर सुनवाई के दौरान यूपीएससी के वकील ने कहा कि देव को हाईकोर्ट के बजाय केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट (कैट) में याचिका दायर करनी चाहिए थी, क्योंकि यह मामला केंद्रीय सेवा से जुड़ा हुआ है। देव के अधिवक्ता आशीष कुमार सिन्हा व एश्वर्या सिन्हा ने कहा कि मनोज यादव केंद्र के नहीं, बल्कि राज्य सरकार की सेवा में हैं। इसलिए इस मामले की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट उपयुक्त मंच है।
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गौरतलब है कि हाईकोर्ट में याचिका दायर करने से पहले देव ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्देश था। देव का कहना है कि यादव ने सेवा के 30 साल पूरे नहीं किए हैं। यूपीएससी ने 31 जनवरी 2019 के अपने पत्र में यादव को डीजीपी पद के लिए अयोग्य बताया था।