मुआवजाः छेड़छाड़ पर 50 हजार, रेप पर 3 लाख
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दुष्कर्म की शिकार महिलाओं को अपने साथ हुई त्रासदी से बाहर आने में लंबा समय लगता है। उन्हें अपने लिए समाज में कोई उम्मीद नजर नहीं आती। लेकिन ऐसी महिलाओं के लिए हरियाणा पीड़ित मुआवजा योजना-2013 (एचवीसीएस) एक आशा की किरण बनकर सामने आई है।
इसके तहत दुष्कर्म से पीड़ित महिला को अधिकतम 3 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं अपहरण और छेड़छाड़ मामले से पीड़ित महिलाओं को 50 हजार मुआवजा दिया जाएगा। जबकि अधिक जरूरतमंद को अंतिम संस्कार के लिए 2 हजार अलग से दिया जाएगा।
वहीं एसिड अटैक में 80 प्रतिशत जलने पर अधिकतम 2 लाख, न्यूनतम 50 हजार, 50 प्रतिशत जलने पर अधिकतम 1 लाख, न्यूनतम 25 हजार दिए जाने का प्रावधान किया गया है। जबकि हत्या या दुर्घटना में हुई मौत के लिए अधिकतम 3 लाख, न्यूनतम 1 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
मुआवजा पाने के लिए कैसे करना होगा आवेदन?
पीड़ित के साथ घटना घटित होने के 48 घंटे के भीतर पुलिस रिपोर्ट करना आवश्यक, 90 दिनों के भीतर योजना में लाभ के लिए अपील करना होगा। दुष्कर्म मामले में मेडीकल रिपोर्ट जरूरी।
इस योजना के तहत इसके तहत दुष्कर्म, हत्या, सड़क दुर्घटना में मौत, एसिड अटैक, अपहरण और छेड़छाड़ आदि घटनाओं की शिकार महिलाएं व अन्य सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके साथ ही योजना के तहत इन महिला को अपने पैरों पर खड़ा करने और उनमें आत्मविश्वास जगाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
9 पीड़िताओं ने मांगा मुआवजा
इसके तहत शहर की नौ दुष्कर्म पीड़िताओं ने सहायता मांगी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन महिलाओं को इंसाफ दिलाने के प्रयास में जुटा है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समन्वयक एडवोकेट रविंद्र गुप्ता ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से यह योजना तीन अप्रैल 2013 को लागू की गई थी, जिसमें विभिन्न अपराधों का शिकार कोई भी व्यक्ति मदद मांग सकता है।
गुप्ता के मुताबिक योजना प्रारंभ होने के 10 माह के भीतर अभी तक शहर के विभिन्न थानों से नौ दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं ने मुआवजे के लिए संपर्क किया। सभी का मामला विचाराधीन है, जल्दी उन्हें लाभ मिल जाएगा।