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गुरुग्रामः पॉश इलाकों के बजाए कॉलोनियों व गांवों में कोरोना के मामले बढ़े, विभाग ने उठाया ये कदम

Sat, 11 Jul 2020 05:54 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 11 Jul 2020 05:54 PM IST
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Gurugram health department proposes to extend lor curbs in various parts including sohna
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

गुरुग्राम में अब अति सुविधा युक्त सेक्टरों एवं सोसाइटियों के बाद ग्रामीण क्षेत्र और नियमित हुई कॉलोनियों में कोरोना ने दस्तक दे दी है। वर्तमान में पटेल नगर और सोहना इलाके में कोरोना के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं। इन दोनों स्थानों पर टेस्टिंग में 10 प्रतिशत से अधिक लोग संक्रमित मिल रहे है। 

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गुरुग्राम जिला प्रशासन के अनुसार, पटेल नगर में सबसे ज्यादा टेस्ट किए गए हैं जहां संक्रमितों की दर अधिक आ रही है। इस क्षेत्र में गत एक सप्ताह के दौरान टेस्टिंग के दौरान 10 से 20 प्रतिशत लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे है। इस क्षेत्र में कोरोना के काफी संख्या में मरीज मिल चुके है। इस कारण प्रशासन ने यहां टेस्टिंग की रफ्तार बढ़ाई है।
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उधर, सोहना में भी लगभग एक हजार सैंपलों के टेस्ट में संक्रमण की दर लगभग 10 प्रतिशत आ रही है। इस कारण गत एक सप्ताह से जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा होना आरंभ हो गया है। अब प्रतिदिन सवा सौ से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे है, जबकि यह आंकड़ा सौ से नीचे पहुंच गया था। हालांकि, दिल्ली के बाद एनसीआर में गुरुग्राम में पॉजीटिव आने वाले मरीजों की दर 13 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत हुई है। 
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जिले में मई व जून माह के दौरान पॉश इलाकों में कोरोना के मामले सबसे अधिक सामने आए थे, लेकिन अब इन इलाकों में कोरोना के मामले कम हो गए है, जबकि कालोनियों और ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना के मामले आने शुरू हो गए है। इस कारण प्रशासन काफी परेशान है, क्योंकि कालोनियों एवं गांवों में आबादी अधिक है और लोग सावधानी बरतने में लापरवाही करते है। लिहाजा इन इलाकों में कोरोना बढ़ने की आशंका हो गई है। 

जिले में बढ़े दो जोन 
गुरुग्राम में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने के बावजूद हॉटस्पॉट जोन की संख्या में इजाफा हुआ। जिले में हॉटस्पॉट जोन की संख्या 106 हो गए, जबकि जिले में अभी तक 104 जोन थे। हालांकि, गुरुग्राम ब्लाक में हॉटस्पॉट जोन की संख्या इस बार भी कम हुई है।

जिला प्रशासन ने शुक्रवार को कोरोना के मामलों की समीक्षा की। इस दौरान प्रशासन ने जिले में कई इलाकों को हॉटस्पॉट जोन से बाहर किया, जबकि कुछ नए इलाकों को हॉटस्पॉट जोन में शामिल किया। गुरुग्राम ब्लाक में हॉटस्पॉट जोन की संख्या एक बार फिर कम हुई। इस ब्लाक में जोन की संख्या 97 से कम होकर 95 रह गई है। फर्रुखनगर ब्लाक में अब एक भी हॉटस्पॉट जोन नहीं रहा है। इस ब्लाक में एक हॉटस्पॉट जोन था।

पटौदी ब्लॉक में पहले की तरह अब भी चार हॉटस्पॉट जोन है, वहीं सोहना ब्लॉक में हॉट स्पॉट जोन की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस ब्लाक में सात हॉटस्पॉट जोन बनाए गए है, जबकि अभी तक इस ब्लाक में दो हॉटस्पॉट जोन थे। इस ब्लाक में गत सप्ताह कोरोना के काफी मामले सामने आए है। ब्यूरो 

गुरूग्राम में औसतन प्रतिदिन किए जा रहे हैं तीन हजार टेस्ट, 14 जुलाई के बाद भी बढ़ सकती है सख्ती

कोरोना नियंत्रण के लिए टेस्टिंग महत्वपूर्ण है, जितनी जल्दी हम टेस्टिंग कर पाएंगे, उतनी ही इस महामारी की रोकथाम में मदद मिलेगी। शुरू में जहां गुरुग्राम में हर रोज 300 से 500 टेस्ट होते थे, अब औसतन तीन हजार टेस्ट किए जा रहे हैं, इनमें रैपिड एंटीजन टेस्ट व आरटीपीसीआर टेस्ट शामिल हैं। यह बातें गुरुग्राम जिले के उपायुक्त अमित खत्री ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में दी।

इस मौके पर उन्होंने बताया कि बड़े प्रकोप वाले क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने कंटेनमेंट के आदेश को कड़ाई से लागू किया है और सघन टेसर्टिंग व ट्रेसिंग अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि इस अभियान के तहत जिला में कोरोना संक्रमित व्यक्ति की पहचान शुरूआती चरण में ही हो जाए ताकि अन्य लोगों में संक्रमण ना फैले। टेस्टिंग आरटीपीसीआर व रैपिड एंटीजन टेस्टिंग किट से संयुक्त रूप से की जा रही है। 

उन्होंने बताया कि जिला में कोरोना संक्रमण को लेकर बनाए गए बड़े प्रकोप वाले क्षेत्रों की समय सीमा 14 जुलाई को समाप्त हो रही है और इसकी समाप्ति के बाद जरूरत अनुसार नए ऐसे नए क्षेत्र बनाए जा सकते हैं। कोरोना संक्रमण के बारे में पहले लगाए जा रहे कयासों का उल्लेख करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कोरोना संक्रमण फैलने को लेकर पहले लगाए गए सभी अनुमान अब गलत साबित हो रहे हैं।

गुरूग्राम में इस महामारी संक्रमण में स्थिरता आई है और इसके फैलने का जो ग्राफ बढ़ रहा था, वह अब काफी हद तक रुक गया है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किए गए उपायों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जिला के अस्पतालों में उपचाराधीन व होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित मरीजों की देखभाल करना प्रशासन का उत्तरदायित्व है।

इन मरीजों से विभिन्न तरीकों से प्रशासन संपर्क में रहता है। उदाहरण के तौर पर उनसे एसएमएस, जूम एप व फोन कॉल आदि के माध्यम से संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा, कोरोना सक्रमित मरीजों की समस्याओं के हल के लिए जिला प्रशासन की टीम होम विजिट भी करती है।

नागरिक अस्पताल में दूसरी आरटी पीसीआर मशीन लगाई

गुरुग्राम सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में दूसरी आरटी-पीसीआर मशीन स्थापित कर दी गई है, जिसके जरिए अब प्रतिदिन 500 नमूनों की जांच हो सकेगी। सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया ने शुक्रवार को इस संदर्भ में जानकारी देते हुए कहा कि जिले में अब जांच प्रक्रिया और भी तेज होगी। क्योंकि शासकीय लैब में ही प्रतिदिन 500 नमूनों की जांच संभव होगी। 

वहीं, आवश्यकतानुसार इसे 700 जांच प्रतिदिन तक बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा रैपिड एंटीजन किट के जरिए जांच चल ही रही है। एंटीजन किट के जरिए अब तक जिले में 16109 नमूनों की जांच हो चुकी है, जिसमें सबसे ज्यादा जांच पटेल नगर क्षेत्र में हुई हैं। वहीं, ग्रामीण इलाकों की बात करें तो सोहना में भी अब तक 1 हजार लोगों की कोविड-19 की जांच की जा चुकी है। इसमें से करीब 10 फीसदी मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। 

एक ही व्यक्ति कई बार करा रहे जांच
सीएमओ वीरेंद्र यादव ने बताया कि कुछ मामले ऐसे हैं, जिनमें जांच कराने वालों का पता नहीं चल पा रहा है क्योंकि एक ही व्यक्ति कई बार जांच करा रहे हैं। यही वजह है कि अब मोबाइल नंबर व आधार नंबर अनिवार्य रूप से लिया जा रहा है। सीएमओ के मुताबिक कोरोना के मामले में जिले की स्थिति दिनोेंदिन बेहतर हो रही है। अब 987 सक्रिय मरीजों में से सिर्फ 242 ही अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 36 मरीज ही ऐसे हैं जिनकी स्थिति गंभीर हैं। इनमें से कई आईसीयू वार्ड में या फिर वेंटिलेटर पर हैं।

सीएमओ के मुताबिक, सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए चिकित्सकीय परामर्श से लेकर इलाज तक के लिए अलग से व्यवस्था की गई है ताकि उनके संपर्क में आने से अन्य लोगों को बचाया जा सके। वहीं, प्लाज्मा डिपॉजिट बैंक और प्लाज्मा थैरेपी को लेकर सीएमओ ने स्पष्ट किया कि सरकार की तरफ से दिशानिर्देश मिलने के बाद आगामी एक सप्ताह के अंदर इस पर जिले में काम शुरू कर दिया जाएगा। 

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