{"_id":"6885202b0cc88050660496ec","slug":"work-on-the-incomplete-bypass-will-begin-rs-475-crore-will-be-spent-gurgaon-news-c-25-1-mwt1001-105098-2025-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: शुरू होगा अधूरे बाईपास का काम, खर्च होंगे पौने पांच करोड़ रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: शुरू होगा अधूरे बाईपास का काम, खर्च होंगे पौने पांच करोड़ रुपये
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज रोड से दिल्ली-अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग वाया खेड़ला गांव के पास जुडे़गा बाइपास
आधा मार्ग बन गया था 2019 में, कुछ कमियों की वजह से लटका हुआ था बाइपास का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। तावडू- होडल रोड से नेशनल हाईवे 248 ए वाया मेडिकल कॉलेज रोड को जोड़ने वाले अधूरे बाईपास का काम अब पूरा होगा। पिछले पांच वर्षों से अधूरे इस बाईपास को आधिकारिक तौर पर वन विभाग को जमीन देने की मंजूरी मिल गई है। बाईपास के निर्माण कार्य के दौरान जो पेड़ काटे जाएंगे, उन्हें मेडिकल कॉलेज रोड पर लगाया जाएगा। बाईपास के निर्माण पर 4 करोड़ 74 लाख खर्च होंगे।
दरअसल, पांच वर्ष पहले नूंह शहर के पश्चिमी दिशा से बाइपास की योजना बनी थी। योजना का मकसद होड़ल- पटौदी मार्ग पर नूंह के सौंख गांव के समीप से बाइपास निकालकर राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली-अलवर मार्ग पर खेड़ला गांव से आगे आईटीआई के समीप जोड़ना था। ताकि होड़ल- पटौदी मार्ग के वाहन दिल्ली अलवर रोड पर सौंख गांव के समीप से खेड़ला की तरफ जा सके। वहीं, दिल्ली अलवर रोड पर अलवर की ओर से आने वाले वाहन खेड़ला की तरफ से बाइपास के माध्यम से तावडू दिशा में होडल मार्ग पर आसानी से आ जा सके। लोक निर्माण विभाग की तरफ से 5.65 किलोमीटर लंबे मार्ग का प्रस्ताव कई वर्ष पहले बना था। इसके तहत पहले फेस में 2.95 कि मीटर बाइपास की सड़क 2019 में ही बना दी थी। जिस पर सरकार का करोड़ों रुपये खर्च हुआ।
मेडिकल काॅलेज से दिल्ली -अलवर रोड तक आ गई थी दिक्कतें:
इस बाईपास को दिल्ली -अलवर मार्ग से जोड़ना था। हालांकि मेडिकल काॅलेज मार्ग से आगे भूमि हस्तांतरण को लेकर कई दिक्कतों के चलते पांच वर्ष से यह मार्ग बन नहीं पा रहा था। इस दौरान लोनिवि ने भूमि हस्तांतरण की कमियों को दूर करने का काम किया। बताया गया है कि अब भूमि हस्तांतरण हो चुका है। आगे के बाइपास मार्ग बनने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। जिस पर स्थानीय लोक निर्माण विभाग की तरफ से मार्ग को बनाने के लिए चार करोड़ 74 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है, जिसमें लेने की अंतिम तिथि 6 जनवरी तय की गई है।
विज्ञापन
-- -- --
बाइपास बनने से लोगों को मिलेगी राहत :
सुनील एडवोकेट, ताहिर हुसैन, जगदेव, विष्णु, मनोज कुमार, सतपाल सिंगला, अनिल कुमार का कहना है कि बाइपास के बनने से शहर में जाम की स्थिति से काफी हद तक निजात मिलेगी, क्योंकि तावडू से आने वाले वाहन अलवर की तरह शहर से पहले ही पास करके तथा अलवर से तावड़ू जाने वाले बाहर शहर के बाहर से आ जा सकेंगे। लोगों का कहना है कि विभाग को इस अधूरे रहे मार्ग को जल्द पूरा करना चाहिए।
-- -- -- -
पेड़ लगाने के लिए वन विभाग को जमीन मेडिकल कॉलेज रोड पर दी जा रही है। इसे विभाग ने मंजूरी दे दी है। यह रोड करीब पौने तीन किलोमीटर का बनाया जाएगा। जल्द इस पर काम शुरू होगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
अरशद खान, जेई सड़क एवं लोकनिर्माण विभाग
विज्ञापन
आधा मार्ग बन गया था 2019 में, कुछ कमियों की वजह से लटका हुआ था बाइपास का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। तावडू- होडल रोड से नेशनल हाईवे 248 ए वाया मेडिकल कॉलेज रोड को जोड़ने वाले अधूरे बाईपास का काम अब पूरा होगा। पिछले पांच वर्षों से अधूरे इस बाईपास को आधिकारिक तौर पर वन विभाग को जमीन देने की मंजूरी मिल गई है। बाईपास के निर्माण कार्य के दौरान जो पेड़ काटे जाएंगे, उन्हें मेडिकल कॉलेज रोड पर लगाया जाएगा। बाईपास के निर्माण पर 4 करोड़ 74 लाख खर्च होंगे।
दरअसल, पांच वर्ष पहले नूंह शहर के पश्चिमी दिशा से बाइपास की योजना बनी थी। योजना का मकसद होड़ल- पटौदी मार्ग पर नूंह के सौंख गांव के समीप से बाइपास निकालकर राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली-अलवर मार्ग पर खेड़ला गांव से आगे आईटीआई के समीप जोड़ना था। ताकि होड़ल- पटौदी मार्ग के वाहन दिल्ली अलवर रोड पर सौंख गांव के समीप से खेड़ला की तरफ जा सके। वहीं, दिल्ली अलवर रोड पर अलवर की ओर से आने वाले वाहन खेड़ला की तरफ से बाइपास के माध्यम से तावडू दिशा में होडल मार्ग पर आसानी से आ जा सके। लोक निर्माण विभाग की तरफ से 5.65 किलोमीटर लंबे मार्ग का प्रस्ताव कई वर्ष पहले बना था। इसके तहत पहले फेस में 2.95 कि मीटर बाइपास की सड़क 2019 में ही बना दी थी। जिस पर सरकार का करोड़ों रुपये खर्च हुआ।
विज्ञापन
मेडिकल काॅलेज से दिल्ली -अलवर रोड तक आ गई थी दिक्कतें:
इस बाईपास को दिल्ली -अलवर मार्ग से जोड़ना था। हालांकि मेडिकल काॅलेज मार्ग से आगे भूमि हस्तांतरण को लेकर कई दिक्कतों के चलते पांच वर्ष से यह मार्ग बन नहीं पा रहा था। इस दौरान लोनिवि ने भूमि हस्तांतरण की कमियों को दूर करने का काम किया। बताया गया है कि अब भूमि हस्तांतरण हो चुका है। आगे के बाइपास मार्ग बनने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। जिस पर स्थानीय लोक निर्माण विभाग की तरफ से मार्ग को बनाने के लिए चार करोड़ 74 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है, जिसमें लेने की अंतिम तिथि 6 जनवरी तय की गई है।
विज्ञापन
बाइपास बनने से लोगों को मिलेगी राहत :
सुनील एडवोकेट, ताहिर हुसैन, जगदेव, विष्णु, मनोज कुमार, सतपाल सिंगला, अनिल कुमार का कहना है कि बाइपास के बनने से शहर में जाम की स्थिति से काफी हद तक निजात मिलेगी, क्योंकि तावडू से आने वाले वाहन अलवर की तरह शहर से पहले ही पास करके तथा अलवर से तावड़ू जाने वाले बाहर शहर के बाहर से आ जा सकेंगे। लोगों का कहना है कि विभाग को इस अधूरे रहे मार्ग को जल्द पूरा करना चाहिए।
पेड़ लगाने के लिए वन विभाग को जमीन मेडिकल कॉलेज रोड पर दी जा रही है। इसे विभाग ने मंजूरी दे दी है। यह रोड करीब पौने तीन किलोमीटर का बनाया जाएगा। जल्द इस पर काम शुरू होगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
अरशद खान, जेई सड़क एवं लोकनिर्माण विभाग