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‘पटाखों पर पैसे बर्बाद करने की जगह दूसरों की करेंगे मदद’
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‘पटाखों पर पैसे बर्बाद करने की जगह दूसरों की करेंगे मदद’
गुरुग्राम। इस दिवाली कोई भी पटाखों के शोर से परेशान नहीं होगा। पटाखों की जिद नहीं की जाएगी। पटाखों में पैसों को बर्बाद करने की जगह दूसरों की मदद की जाएगी। यह कहना है साइबर सिटी के युवाओं का। अमर उजाला के ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध’ अभियान में युवा इस बार पटाखे नहीं जलाने की शपथ ले रहे हैं। पटाखों की जगह रचनात्मक तरीकों से इस दिवाली को खास बनाने का संदेश दिया। युवाओं ने पटाखों की जगह जरूरतमंदों की मदद करने के सुझाव दिए। युवाओं का कहना है कि कोरोना काल के दौरान बुजुर्गों को संक्रमण से बचाते रहे हैं, तो दिवाली पर प्रदूषण फैला कर उन्हें खतरे में नहीं डाला जा सकता है।
इन दिनों पर्यावरण की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। घटते तापमान के साथ जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक हर रोज बढ़ रहा है। शहर के कई हिस्सों का एक्यूआई 400 से भी ज्यादा दर्ज किया गया है। वहीं दिवाली के मौके पर यदि पटाखे चलाए जाते हैं तो वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्थिति तक पहुंचने की आशंका है। पर्यावरण संरक्षण में अमर उजाला के अभियान के साथ आगे बढ़ते हुए साइबर सिटी के कई सजग युवा सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों से पटाखे नहीं जलाने की अपील कर रहे हैं।
पटाखे नहीं जलाने की शपथ ली
जया चौहान ने ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध’ अभियान में पटाखे नहीं जलाने की शपथ ली। उन्होंने बताया कि वातावरण की यह स्थिति बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकती है। ऐसे में जहां कोरोना काल में उन्हें बचाते आए हैं तो ऐसे में पटाखों से नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। वह इस बार एक भी पटाखे नहीं जलाएगी। इसके साथ ही वह युवाओं को पटाखे नहीं जलाने के लिए जागरूक करेंगी।
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जरूरतमंदों को बांटेंगी दिये
स्वाति ने बताया कि दियों की रोशनी से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। यह त्योहार रोशनी का है। पटाखों से अंधकार पैदा हो रहा है। हमें मिलकर उसे भगाना है। वह इस मौके पर जरूरतमंदों के घरों में भी दिए बांटकर आएंगी। वह बच्चों और युवाओं को पटाखे जलाने से रोककर ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध’ अभियान में अमर उजाला व समाज का सहयोग करेंगी।
प्रदूषण से मुक्ति का अभियान चलाएं
कशिश ने बताया कि वातावरण में प्रदूषण की चादर बन गई है। दिवाली पर पटाखों की जगह प्रदूषण से मुक्ति का अभियान चलाना चाहिए। लॉकडाउन के जरिये कोरोना की रफ्तार को कम किया गया था। इसी तरह कोई बड़ा निर्णय लेकर प्रदूषण की चादर को खत्म करना होगा। इसके लिए वह सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगी।
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गुरुग्राम। इस दिवाली कोई भी पटाखों के शोर से परेशान नहीं होगा। पटाखों की जिद नहीं की जाएगी। पटाखों में पैसों को बर्बाद करने की जगह दूसरों की मदद की जाएगी। यह कहना है साइबर सिटी के युवाओं का। अमर उजाला के ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध’ अभियान में युवा इस बार पटाखे नहीं जलाने की शपथ ले रहे हैं। पटाखों की जगह रचनात्मक तरीकों से इस दिवाली को खास बनाने का संदेश दिया। युवाओं ने पटाखों की जगह जरूरतमंदों की मदद करने के सुझाव दिए। युवाओं का कहना है कि कोरोना काल के दौरान बुजुर्गों को संक्रमण से बचाते रहे हैं, तो दिवाली पर प्रदूषण फैला कर उन्हें खतरे में नहीं डाला जा सकता है।
इन दिनों पर्यावरण की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। घटते तापमान के साथ जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक हर रोज बढ़ रहा है। शहर के कई हिस्सों का एक्यूआई 400 से भी ज्यादा दर्ज किया गया है। वहीं दिवाली के मौके पर यदि पटाखे चलाए जाते हैं तो वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्थिति तक पहुंचने की आशंका है। पर्यावरण संरक्षण में अमर उजाला के अभियान के साथ आगे बढ़ते हुए साइबर सिटी के कई सजग युवा सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों से पटाखे नहीं जलाने की अपील कर रहे हैं।
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पटाखे नहीं जलाने की शपथ ली
जया चौहान ने ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध’ अभियान में पटाखे नहीं जलाने की शपथ ली। उन्होंने बताया कि वातावरण की यह स्थिति बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकती है। ऐसे में जहां कोरोना काल में उन्हें बचाते आए हैं तो ऐसे में पटाखों से नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। वह इस बार एक भी पटाखे नहीं जलाएगी। इसके साथ ही वह युवाओं को पटाखे नहीं जलाने के लिए जागरूक करेंगी।
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जरूरतमंदों को बांटेंगी दिये
स्वाति ने बताया कि दियों की रोशनी से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। यह त्योहार रोशनी का है। पटाखों से अंधकार पैदा हो रहा है। हमें मिलकर उसे भगाना है। वह इस मौके पर जरूरतमंदों के घरों में भी दिए बांटकर आएंगी। वह बच्चों और युवाओं को पटाखे जलाने से रोककर ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध’ अभियान में अमर उजाला व समाज का सहयोग करेंगी।
प्रदूषण से मुक्ति का अभियान चलाएं
कशिश ने बताया कि वातावरण में प्रदूषण की चादर बन गई है। दिवाली पर पटाखों की जगह प्रदूषण से मुक्ति का अभियान चलाना चाहिए। लॉकडाउन के जरिये कोरोना की रफ्तार को कम किया गया था। इसी तरह कोई बड़ा निर्णय लेकर प्रदूषण की चादर को खत्म करना होगा। इसके लिए वह सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगी।