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Gurugram News: सिकंदरपुर में तोड़फोड़ करने पहुंची जेसीबी के सामने बैठे ग्रामीण
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बना तोड़फोड़ वापस लौटी जेसीबी, राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर के गांवों में बने पुश्तैनी मकानों की नगर निगम द्वारा की जा रही तोड़फोड़ के विरोध में चल रहे धरना प्रदर्शन के बीच ही नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार को गांव सिकंदरपुर पहुंची। यहां पर तोड़फोड़ के विरोध में ग्रामीण जेसीबी मशीन के आगे ही बैठ गए। मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा सहित अलग-अलग सामाजिक संगठन, ट्रेड यूनियन और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी पहुंच गए।
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर बुला लिया गया। मौके की नजाकत को देखते हुए जेसीबी मशीन को बिना तोड़फोड़ के ही वापस लौटना पड़ा। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। इसमें मकानों की तोड़फोड़ बंद नहीं किए जाने पर बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया है। धरने में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि सभी गांवों में 21-21 व्यक्तियों की कमेटी बनाई जाएगी
चकरपुर, सिकंदरपुर, नाथुपुर, कन्हैई आदि गांवों में नगर निगम अतिक्रमण और अवैध निर्माण की बात कहते हुए तोड़फोड़ कर रहा है। इसके विरोध में ग्रामीण संघर्ष समिति बना कर धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर बैठे वक्ताओं का कहना है कि पहले तोड़फोड़ के नोटिस दिए जाते हैं और फिर मकान न तोड़ने का भरोसा देकर रिश्वत मांगी जाती है।
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वक्ताओं ने कहा कि नगर निगम का गठन 2008 में हुआ। जबकि उनके गांव सैकड़ों वर्षों से बसे हुए हैं। दशकों पुराने मकान हैं। तब गांव में मकान बनाने के लिए कोई नियम कानून नहीं था। नक्शा पास करवाने का प्रावधान नहीं था। गांव की आबादी के विस्तार के बाद भी लाल डोरे बढ़ाए नहीं गए हैं। गांवों की विस्तारित आबादी में जब भी कोई निवासी भवन निर्माण,पुनर्निर्माण, मरम्मत इत्यादि करता है,तो नगर निगम के अधिकारी नोटिस भेजते हैं। बाद में मकानों की तोड़फोड़ करके प्रताड़ित करते हैं। इससे पूरे समाज में भय व्याप्त है।
इससे पहले जब सिकंदरपुर में नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार को पहुंची तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए। मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष चौ. संतोख सिंह और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कैप्टन अजय यादव भी पहुंच गए। यह लोग ग्रामीणों के साथ जेसीबी के सामने बैठ गए। जिसके चलते तोड़फोड़ अभियान रोकना पड़ा। बाद में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। इसमें मांग की गई है कि वह सरकार को निर्देश दें कि गांवों की विस्तारित आबादी में मकानों की तोड़फोड़ पर रोक लगाई जाए, नहीं तो नगर निगम क्षेत्र में आने वाले सभी गांवों के निवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया,समाजसेवी भोले गुर्जर,जगपाल सिंह यादव,जितेंद्र यादव,जगमोहन यादव सरपंच,सूबे सिंह बोहरा, श्यामसिंह ठाकरान आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर के गांवों में बने पुश्तैनी मकानों की नगर निगम द्वारा की जा रही तोड़फोड़ के विरोध में चल रहे धरना प्रदर्शन के बीच ही नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार को गांव सिकंदरपुर पहुंची। यहां पर तोड़फोड़ के विरोध में ग्रामीण जेसीबी मशीन के आगे ही बैठ गए। मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा सहित अलग-अलग सामाजिक संगठन, ट्रेड यूनियन और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी पहुंच गए।
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर बुला लिया गया। मौके की नजाकत को देखते हुए जेसीबी मशीन को बिना तोड़फोड़ के ही वापस लौटना पड़ा। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। इसमें मकानों की तोड़फोड़ बंद नहीं किए जाने पर बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया है। धरने में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि सभी गांवों में 21-21 व्यक्तियों की कमेटी बनाई जाएगी
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चकरपुर, सिकंदरपुर, नाथुपुर, कन्हैई आदि गांवों में नगर निगम अतिक्रमण और अवैध निर्माण की बात कहते हुए तोड़फोड़ कर रहा है। इसके विरोध में ग्रामीण संघर्ष समिति बना कर धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर बैठे वक्ताओं का कहना है कि पहले तोड़फोड़ के नोटिस दिए जाते हैं और फिर मकान न तोड़ने का भरोसा देकर रिश्वत मांगी जाती है।
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वक्ताओं ने कहा कि नगर निगम का गठन 2008 में हुआ। जबकि उनके गांव सैकड़ों वर्षों से बसे हुए हैं। दशकों पुराने मकान हैं। तब गांव में मकान बनाने के लिए कोई नियम कानून नहीं था। नक्शा पास करवाने का प्रावधान नहीं था। गांव की आबादी के विस्तार के बाद भी लाल डोरे बढ़ाए नहीं गए हैं। गांवों की विस्तारित आबादी में जब भी कोई निवासी भवन निर्माण,पुनर्निर्माण, मरम्मत इत्यादि करता है,तो नगर निगम के अधिकारी नोटिस भेजते हैं। बाद में मकानों की तोड़फोड़ करके प्रताड़ित करते हैं। इससे पूरे समाज में भय व्याप्त है।
इससे पहले जब सिकंदरपुर में नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार को पहुंची तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए। मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष चौ. संतोख सिंह और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कैप्टन अजय यादव भी पहुंच गए। यह लोग ग्रामीणों के साथ जेसीबी के सामने बैठ गए। जिसके चलते तोड़फोड़ अभियान रोकना पड़ा। बाद में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। इसमें मांग की गई है कि वह सरकार को निर्देश दें कि गांवों की विस्तारित आबादी में मकानों की तोड़फोड़ पर रोक लगाई जाए, नहीं तो नगर निगम क्षेत्र में आने वाले सभी गांवों के निवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया,समाजसेवी भोले गुर्जर,जगपाल सिंह यादव,जितेंद्र यादव,जगमोहन यादव सरपंच,सूबे सिंह बोहरा, श्यामसिंह ठाकरान आदि मौजूद रहे।