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Gurugram News: पीड़ित ने कोर्ट में बदला बयान, हमले के आरोप में गिरफ्तार दानिश-गौरव बरी
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पीड़ित ने कोर्ट में बदला बयान, हमले के आरोप में गिरफ्तार दानिश-गौरव बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र में हुए एक मारपीट के मामले में आरोपी दानिश और गौरव को बरी कर दिया है। पीड़ित श्रीनिवास पात्रा ने आरोपियों की पहचान नहीं की, इस कारण दोनों के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में पीड़ित सबसे महत्वपूर्ण गवाह था लेकिन उसने अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं किया। अदालत ने यह भी कहा कि अन्य गवाह भी घटना को साबित नहीं कर सके।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आठ सितंबर 2024 की रात करीब 8:15 बजे सिद्धार्थ एन्क्लेव स्थित नाफेड भवन के पीछे आरोपियों ने पीड़ित श्रीनिवास पात्रा पर डंडे से हमला किया था। उसके सिर में चोटें आईं थीं। पीड़ित के बयान पर सनलाइट कॉलोनी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पहले सुनवाई के दौरान पीड़ित ने कहा था कि दानिश और गौरव ने उस पर हमला किया है। हालांकि बाद में वह अपने बयान से पलट गया। अदालत में कहा कि वह हमलावरों के चेहरे ठीक से नहीं देख पाया था क्योंकि घटना के बाद वह गिर गया था और मौके पर अंधेरा भी था। वह अदालत में मौजूद आरोपियों की पहचान नहीं कर सकता।
जांच अधिकारी एएसआई देवेंद्र कुमार ने अदालत को बताया कि उन्होंने पीड़ित के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर साइट प्लान तैयार किया था। पीड़ित की पहचान पर ही मद्रासी पार्क से दानिश और गौरव को गिरफ्तार किया था। मामले के एक अन्य गवाह एएसआई वीरेंद्र ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर वह अस्पताल पहुंचे थे, जहां घायल उपचाराधीन था। बाद में पीड़ित के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र में हुए एक मारपीट के मामले में आरोपी दानिश और गौरव को बरी कर दिया है। पीड़ित श्रीनिवास पात्रा ने आरोपियों की पहचान नहीं की, इस कारण दोनों के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में पीड़ित सबसे महत्वपूर्ण गवाह था लेकिन उसने अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं किया। अदालत ने यह भी कहा कि अन्य गवाह भी घटना को साबित नहीं कर सके।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आठ सितंबर 2024 की रात करीब 8:15 बजे सिद्धार्थ एन्क्लेव स्थित नाफेड भवन के पीछे आरोपियों ने पीड़ित श्रीनिवास पात्रा पर डंडे से हमला किया था। उसके सिर में चोटें आईं थीं। पीड़ित के बयान पर सनलाइट कॉलोनी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पहले सुनवाई के दौरान पीड़ित ने कहा था कि दानिश और गौरव ने उस पर हमला किया है। हालांकि बाद में वह अपने बयान से पलट गया। अदालत में कहा कि वह हमलावरों के चेहरे ठीक से नहीं देख पाया था क्योंकि घटना के बाद वह गिर गया था और मौके पर अंधेरा भी था। वह अदालत में मौजूद आरोपियों की पहचान नहीं कर सकता।
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जांच अधिकारी एएसआई देवेंद्र कुमार ने अदालत को बताया कि उन्होंने पीड़ित के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर साइट प्लान तैयार किया था। पीड़ित की पहचान पर ही मद्रासी पार्क से दानिश और गौरव को गिरफ्तार किया था। मामले के एक अन्य गवाह एएसआई वीरेंद्र ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर वह अस्पताल पहुंचे थे, जहां घायल उपचाराधीन था। बाद में पीड़ित के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
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