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Gurugram News: शहर की मास्टर पेयजल लाइनों में लगेंगे वाल्व
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बीते दिनों पाइप ठीक कराने में आई थी परेशानी, इसलिए लगाए जाएंगे वाल्व
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चंदू बुढ़ेरा संयंत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कराने में हुई फजीहत को देखते हुए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण मास्टर लाइनों में वाल्व लगाने जा रहा है। मास्टर पेयजल लाइनों में एक या दो किलोमीटर के अंतराल पर वाल्व लगाए जाएंगे।
जीएमडीए के पास बसई और चंदू बुढ़ेरा नहरी पानी शोधन संयंत्र है। दोनों संयंत्रों से पूरे शहर में पेयजल की सप्लाई होती है। ऐसे में कई बार मास्टर लाइनों में लीकेज या क्षतिग्रस्त होने पर ठीक कराने में जीएमडीए को दिक्कत होती है और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। जनवरी में चंदू बुढ़ेरा नहरी पानी शोधन संयंत्र में टूटी मास्टर पाइप लाइन को ठीक कराने में पांच दिन लग गए थे। इससे शहर के काफी हिस्से में लोगों को पानी की परेशानी उठानी पड़ती थी। जीएमडीए को पाइप ठीक कराने में काफी परेशानी हुई थी क्यों कि मास्टर लाइन से पानी खाली कराने (डीवाटरिंग) में दिक्कत हुई थी। पाइप को ठीक कराने में ज्यादा समय लगने पर जीएमडीए की काफी किरकिरी हुई थी।
जीएमडीए ऐसी दिक्कत को समय रहते दूर करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत लंबी मास्टर लाइनों पर एक-दो किलोमीटर के अंतराल पर वाल्व लगाने की योजना है ताकि यदि पाइप में लीकेज हो तो वाल्व बंद कर पानी को रोका जाए और जल्द काम हो सके। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि इस बारे में कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीएमडीए शहर में पानी सप्लाई में सुधार के लिए कई कदम उठा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चंदू बुढ़ेरा संयंत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कराने में हुई फजीहत को देखते हुए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण मास्टर लाइनों में वाल्व लगाने जा रहा है। मास्टर पेयजल लाइनों में एक या दो किलोमीटर के अंतराल पर वाल्व लगाए जाएंगे।
जीएमडीए के पास बसई और चंदू बुढ़ेरा नहरी पानी शोधन संयंत्र है। दोनों संयंत्रों से पूरे शहर में पेयजल की सप्लाई होती है। ऐसे में कई बार मास्टर लाइनों में लीकेज या क्षतिग्रस्त होने पर ठीक कराने में जीएमडीए को दिक्कत होती है और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। जनवरी में चंदू बुढ़ेरा नहरी पानी शोधन संयंत्र में टूटी मास्टर पाइप लाइन को ठीक कराने में पांच दिन लग गए थे। इससे शहर के काफी हिस्से में लोगों को पानी की परेशानी उठानी पड़ती थी। जीएमडीए को पाइप ठीक कराने में काफी परेशानी हुई थी क्यों कि मास्टर लाइन से पानी खाली कराने (डीवाटरिंग) में दिक्कत हुई थी। पाइप को ठीक कराने में ज्यादा समय लगने पर जीएमडीए की काफी किरकिरी हुई थी।
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जीएमडीए ऐसी दिक्कत को समय रहते दूर करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत लंबी मास्टर लाइनों पर एक-दो किलोमीटर के अंतराल पर वाल्व लगाने की योजना है ताकि यदि पाइप में लीकेज हो तो वाल्व बंद कर पानी को रोका जाए और जल्द काम हो सके। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि इस बारे में कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीएमडीए शहर में पानी सप्लाई में सुधार के लिए कई कदम उठा रहा है।
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