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रोडवेज की जर्जर बिल्डिंग बन सकती है खतरा
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गुरुग्राम बस अड्डा की कंडम घोषित ईमारत व पुलिस चौकी चल रही।
- फोटो : Gurgaon
रोडवेज की जर्जर बिल्डिंग बन सकती है खतरा
गुरुग्राम। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से शहर के बस स्टैंड को जर्जर घोषित किए जाने के बाद भी यहां से पुलिस चौकी व महाप्रबंधक कार्यालय को खाली नहीं कराया गया है जबकि महाप्रबंधक व अन्य अधिकारियों के कार्यालयों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया है। कंडम बिल्डिंग में ही रोडवेज विभाग कई रूटों की बसें भी लगा रहा है, वहीं बसों के इंतजार में हजारों यात्री बैठे रहते हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। दरअसल, 4 साल पहले 2015 में लोक निर्माण विभाग ने रोडवेज के बस स्टैंड की इमारत को जर्जर घोषित कर दिया था, लेकिन विभाग ने इस भवन को अब तक न तो खाली किया है और न ही तोड़ा गया है। भवन से कई बार छत से प्लास्टर गिरने जैसी घटना हो चुकी है। लेकिन विभाग को इसके बावजूद भी यहां कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। रोडवेज के सूत्रों के अनुसार प्रदेश में सबसे पहले गुरुग्राम में बस स्टैंड बनाया गया था, यह करीब 58 साल पुराना है। इसके जर्जर होने के बाद विभाग व सरकार ने नया बस स्टैंड बनाने के कई प्रयास तो किए, लेकिन आज तक पूरा नहीं किया जा सका। भवन तोड़ने के लिए रोडवेज अधिकारियों ने हाल ही में मुख्यालय को एस्टीमेट बनाने के लिए पत्र भेजा था। लेकिन वहां से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाल ये है कि यहां एक पुलिस विभाग की चौकी और एक होटल चल रहा है। इसको लेकर पुलिस विभाग का कहना है कि उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। अगर व्यवस्था कर दी जाए तो वहां शिफ्ट कर लिया जाएगा।
बयान....
बस स्टैंड की बिल्डिंग में चौकी खाली करने के लिए कई बार नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन इसे खाली नहीं किया जा रहा है। वहीं नया बस स्टैंड बनाने के लिए मुख्यालय स्तर पर मामला चल रहा है। - अन्नू श्योकंद, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो
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गुरुग्राम। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से शहर के बस स्टैंड को जर्जर घोषित किए जाने के बाद भी यहां से पुलिस चौकी व महाप्रबंधक कार्यालय को खाली नहीं कराया गया है जबकि महाप्रबंधक व अन्य अधिकारियों के कार्यालयों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया है। कंडम बिल्डिंग में ही रोडवेज विभाग कई रूटों की बसें भी लगा रहा है, वहीं बसों के इंतजार में हजारों यात्री बैठे रहते हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। दरअसल, 4 साल पहले 2015 में लोक निर्माण विभाग ने रोडवेज के बस स्टैंड की इमारत को जर्जर घोषित कर दिया था, लेकिन विभाग ने इस भवन को अब तक न तो खाली किया है और न ही तोड़ा गया है। भवन से कई बार छत से प्लास्टर गिरने जैसी घटना हो चुकी है। लेकिन विभाग को इसके बावजूद भी यहां कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। रोडवेज के सूत्रों के अनुसार प्रदेश में सबसे पहले गुरुग्राम में बस स्टैंड बनाया गया था, यह करीब 58 साल पुराना है। इसके जर्जर होने के बाद विभाग व सरकार ने नया बस स्टैंड बनाने के कई प्रयास तो किए, लेकिन आज तक पूरा नहीं किया जा सका। भवन तोड़ने के लिए रोडवेज अधिकारियों ने हाल ही में मुख्यालय को एस्टीमेट बनाने के लिए पत्र भेजा था। लेकिन वहां से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाल ये है कि यहां एक पुलिस विभाग की चौकी और एक होटल चल रहा है। इसको लेकर पुलिस विभाग का कहना है कि उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। अगर व्यवस्था कर दी जाए तो वहां शिफ्ट कर लिया जाएगा।
बयान....
बस स्टैंड की बिल्डिंग में चौकी खाली करने के लिए कई बार नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन इसे खाली नहीं किया जा रहा है। वहीं नया बस स्टैंड बनाने के लिए मुख्यालय स्तर पर मामला चल रहा है। - अन्नू श्योकंद, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो
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