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Gurugram News: गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों को लगाने पर संघ ने जताई नाराजगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों और विभिन्न प्रशिक्षण में लगाए जाने पर नाराजगी जताई है। संघ का कहना है कि शिक्षकों पर एक साथ कई तरह की गतिविधियों और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी डालने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में एक ओर शिक्षकों के एफएलएन प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की खेल-कूद प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं। अब एससीईआरटी की ओर से सात दिवसीय योग प्रशिक्षण का शेड्यूल भी जारी किया गया है।
जिला प्रधान अशोक प्रजापति ने कहा कि पिछले करीब चार महीनों से एसआईआर, जनगणना समेत विभिन्न गैर-शैक्षणिक ड्यूटी के कारण प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक लगातार विद्यालयों से बाहर रहे हैं। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। नियमित कक्षाएं प्रभावित होने से बच्चे पहले पढ़ाए गए पाठ को भी भूलने लगे हैं और उनकी शैक्षणिक प्रगति प्रभावित हो रही है।उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग से प्राथमिक शिक्षा के साथ इस तरह के प्रयोग बंद करने की मांग की है।
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गुरुग्राम। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों और विभिन्न प्रशिक्षण में लगाए जाने पर नाराजगी जताई है। संघ का कहना है कि शिक्षकों पर एक साथ कई तरह की गतिविधियों और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी डालने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में एक ओर शिक्षकों के एफएलएन प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की खेल-कूद प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं। अब एससीईआरटी की ओर से सात दिवसीय योग प्रशिक्षण का शेड्यूल भी जारी किया गया है।
जिला प्रधान अशोक प्रजापति ने कहा कि पिछले करीब चार महीनों से एसआईआर, जनगणना समेत विभिन्न गैर-शैक्षणिक ड्यूटी के कारण प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक लगातार विद्यालयों से बाहर रहे हैं। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। नियमित कक्षाएं प्रभावित होने से बच्चे पहले पढ़ाए गए पाठ को भी भूलने लगे हैं और उनकी शैक्षणिक प्रगति प्रभावित हो रही है।उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग से प्राथमिक शिक्षा के साथ इस तरह के प्रयोग बंद करने की मांग की है।
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