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मुठभेड़ के बाद दो इनामी बदमाश गिरफ्तार

Wed, 14 Jul 2021 07:45 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 07:45 PM IST
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Two prize crooks arrested after the encounter
गुरुग्राम। सीआईए सेक्टर-39 की टीम ने सूचना के आधार पर घाटा गांव के पास मुठभेड़ के बाद एक-एक लाख के दो इनामी बदमाशों को दबोचा है। पुलिस टीम और बदमाशों के बीच 38 राउंड गोलियां चली। इसमें तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। वहीं दो बदमाशों को भी गोली लगी है। उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां से बदमाशों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।
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पुलिस टीम को इस्लामपुर में पीजी संचालक निवासी सांपला वार्ड 6 के पार्षद संदीप की हत्या मामले में वांछित अपराधी प्रशांत उर्फ जोन्टू निवासी गांव कुलासी, थाना सदर बहादुरगढ़ और मनीष कुमार जाखड़ निवासी गांव साल्हावास बाइक से फरीदाबाद की ओर से आने सूचना थी। इस आधार पर पुलिस ने अपना जाल बिछाया। सुबह चार बजे तड़के ही पुलिस पार्टी ने उनको रुकने का इशारा किया। बाइक मनीष चला रहा था। पुलिस टीम को देख आरोपी जंगल की ओर भागने लगे। इस दौरान टीम प्रभारी ने हवा में गोली चला दी। इसके जवाब में बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। एक गोली टीम में शामिल हवलदार आकाश के हाथ में लगी। जबकि दो गोली टीम प्रभारी राजकुमार की छाती में लगी। बुलेट फ्रूफ जैकेट पहने होने के कारण वह बाल-बाल बच गए।
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पुलिस की ओर से चलाई गई गोली बदमाश प्रशांत के पैर में लगी। उसे तीन गोलियां लगी है। जबकि दूसरे बदमाश मनीष के पैर में भी गोली लगी। गोली लगने से घायल बदमाशों की हालत गंभीर होने के कारण सिविल अस्पताल से दिल्ली के सफदरजंग के लिए रेफर किया गया है। वहां पर उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल हवलदार के साथ दो अन्य पुलिस कर्मियों को भी चोट आई है। सेक्टर 56 थाना पुलिस ने पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने व सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है। एसीपी क्राइम प्रीतपाल ने बताया कि आरोपियों हालत में सुधार होने के बाद पुलिस पर रिमांड लिया जाएगा। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जा से एक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की है।
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नाबालिग होने से 21 दिन में मिल गई थी जमानत
पुलिस रिकॉर्ड के अनुुसार प्रशांत10 दिसंबर 2014 को गांव के ढीला नाम के व्यक्ति की पिता संजू के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। उस समय वह नाबालिग था। इससे वह 21 दिन बाद ही जमानत पर बाहर आ गया था। उसके बाद ये मामा के घर गांव झाड़सा में रहने लगा। तीन साल पहले आरोपी प्रशांत ने रंजिश की वजह से अपने साथी के साथ मिलकर उसके घर जाकर उस पर गोली चला दी थी, लेकिन उसे गोली नहीं लगी थी, फिर यह झज्जर जेल में चला गया था। वह दिसंबर 2018 में जमानत पर बाहर आ गया था। उसके बाद उस मर्डर के केस में प्रशांत के पिता को 20 साल की सजा हो गई थी। इसके साथ ही मार्च-2019 में उसने अपने साथी परमिंदर जून उर्फ काला निवासी लोवा माजरा बहादुरगढ़, दीपक निवासी कुलासी व आशीष निवासी छुड़ानी, जिला झज्जर के साथ मिलकर लाहोरी गेट दिल्ली नया बाजार से सिंघानिया ट्रेडर्स से 24,74,000 रुपये लूटे थे। उसके बाद से ही प्रशांत फरार चल रहा था।

चार साल दुबई में रह चुका है मनीष
पुलिस की छानबीन में पता चला है कि आरोपी मनीष कुमार का कोई अभी तक आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। मनीष 2013 से 2017 तक दुबई में काम किया। वापस आने पर मनीष ने गांव इस्लामपुर में पीजी किराये पर ले लिया था। पीजी का काम न चलने से ट्रांसपोर्ट का काम शुरू कर दिया और गांव इस्लामपुर में पीजी किराए पर लेकर रहने लगा। इसके बाद मनीष की मुलाकात आरोपी प्रशांत उर्फ जोन्टू से उसके दोस्त के जरिए हुई और दोनों आपस में एक दूसरे से बात करने लगे। दोनों एक साथ पीजी में रहने लगे। संचालक के साथ पहचान पत्र देने को लेकर झगड़ा हो गया और इन्होंने उसकी हत्या कर दी।
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