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Gurugram News: जेल में कमाई करके तेजाब पीड़िता को जुर्माना अदा कर रहे दो कैदी
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साल 2014 में दोनों ने महिला और उसकी बच्ची पर फेंका था तेजाब
कोर्ट ने 30 जनवरी 2017 को उम्रकैद व दो-दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। जिला जेल में कमाई करके दो कैदी तेजाब पीड़िता को हर माह जुर्माना अदा कर रहे हैं। दोनों अपनी जेल की कमाई की 40 फीसदी राशि दे रहे हैं। अभी तक करीब 70 हजार रुपये पीड़िता को दे चुके हैं। छह माह के करीब 10 हजार रुपये और कोर्ट के पास आ गए हैं। कोर्ट ने दोनों को 30 जनवरी 2017 को उम्रकैद व दो-दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
मूलरूप से बलिया यूपी निवासी 29 वर्षीय महिला अपने पति और बच्चों के साथ धर्म कॉलोनी में किराये पर रहकर घरेलू काम करती थी। 14 दिसंबर 2014 को जब महिला अपनी नौ वर्षीय बेटी के साथ घर के अंदर थी, उसी वक्त एक बाइक सवार युवक पता पूछने के बहाने उसके घर के गेट पर आया था। पता पूछने के बाद वह चला गया, लेकिन दोबारा वह फिर पता पूछने आया था। महिला और उसकी बेटी को अकेला पाकर तेजाब फेंक दिया। तेजाब महिला के शरीर के अलावा बच्ची के हाथों पर गिर गया था।
पालम विहार थाना पुलिस की टीम ने जांच पर बिजनौर यूपी निवासी आजाद उर्फ इस्माइल और मुजफ्फरपुर बिहार निवासी राजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी महिला पर गलत नजर रखते थे, इसी को लेकर महिला और उसकी बच्ची पर तेजाब फेंक दिया था। महिला के केस की पैरवी कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अंजू रावत नेगी और अधिवक्ता कुलभूषण भारद्वाज ने की थी। वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अंजू रावत नेगी ने बताया कि कोर्ट ने तमाम सबूतों व गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी माना और 30 जनवरी 2017 को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा के साथ दो-दो लाख का जुर्माना लगाया था।
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कोर्ट ने फैसले में कहा था कि यदि दोनों के परिवार वाले पैसे नहीं देते तो उन्हें जेल में काम करने से मिलने वाले पैसे से महिला को जुर्माना राशि देनी होगी। डॉ. नेगी ने बताया कि दोनों को हर माह जेल से होनी वाली कमाई का 40 फीसदी महिला के खाते में देने के निर्देश हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक महिला को करीब 70 हजार रुपये मिले हैं। छह माह के करीब 10 हजार रुपये और कोर्ट को मिल चुके हैं। जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराकर जल्द ही पैसे महिला को दिलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के फैसले समाज में कड़ा संदेश देते हैं।
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दोनों ने बचने के पूरे दांव लगाए
डॉ. अंजू रावत नेगी ने बताया कि पहले राजा ने कोर्ट में नाबालिग होने की बात कही थी। हालांकि तमाम जांच और कागजात के आधार पर राजा बालिग मिला और सजा हुई। उन्होंने बताया कि दोनों को सजा होने के बाद दोषी आजाद उर्फ इस्माइल फरवरी 2023 को हाईकोर्ट पहुंच गया और अपने को नाबालिग होने की बात कहीं। इस पर हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट को एक माह में सुनवाई करने की बात कहीं। जिला कोर्ट ने दोबारा सुनवाई की और दोषी को बालिग माना।
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कोर्ट ने 30 जनवरी 2017 को उम्रकैद व दो-दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। जिला जेल में कमाई करके दो कैदी तेजाब पीड़िता को हर माह जुर्माना अदा कर रहे हैं। दोनों अपनी जेल की कमाई की 40 फीसदी राशि दे रहे हैं। अभी तक करीब 70 हजार रुपये पीड़िता को दे चुके हैं। छह माह के करीब 10 हजार रुपये और कोर्ट के पास आ गए हैं। कोर्ट ने दोनों को 30 जनवरी 2017 को उम्रकैद व दो-दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
मूलरूप से बलिया यूपी निवासी 29 वर्षीय महिला अपने पति और बच्चों के साथ धर्म कॉलोनी में किराये पर रहकर घरेलू काम करती थी। 14 दिसंबर 2014 को जब महिला अपनी नौ वर्षीय बेटी के साथ घर के अंदर थी, उसी वक्त एक बाइक सवार युवक पता पूछने के बहाने उसके घर के गेट पर आया था। पता पूछने के बाद वह चला गया, लेकिन दोबारा वह फिर पता पूछने आया था। महिला और उसकी बेटी को अकेला पाकर तेजाब फेंक दिया। तेजाब महिला के शरीर के अलावा बच्ची के हाथों पर गिर गया था।
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पालम विहार थाना पुलिस की टीम ने जांच पर बिजनौर यूपी निवासी आजाद उर्फ इस्माइल और मुजफ्फरपुर बिहार निवासी राजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी महिला पर गलत नजर रखते थे, इसी को लेकर महिला और उसकी बच्ची पर तेजाब फेंक दिया था। महिला के केस की पैरवी कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अंजू रावत नेगी और अधिवक्ता कुलभूषण भारद्वाज ने की थी। वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अंजू रावत नेगी ने बताया कि कोर्ट ने तमाम सबूतों व गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी माना और 30 जनवरी 2017 को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा के साथ दो-दो लाख का जुर्माना लगाया था।
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कोर्ट ने फैसले में कहा था कि यदि दोनों के परिवार वाले पैसे नहीं देते तो उन्हें जेल में काम करने से मिलने वाले पैसे से महिला को जुर्माना राशि देनी होगी। डॉ. नेगी ने बताया कि दोनों को हर माह जेल से होनी वाली कमाई का 40 फीसदी महिला के खाते में देने के निर्देश हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक महिला को करीब 70 हजार रुपये मिले हैं। छह माह के करीब 10 हजार रुपये और कोर्ट को मिल चुके हैं। जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराकर जल्द ही पैसे महिला को दिलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के फैसले समाज में कड़ा संदेश देते हैं।
दोनों ने बचने के पूरे दांव लगाए
डॉ. अंजू रावत नेगी ने बताया कि पहले राजा ने कोर्ट में नाबालिग होने की बात कही थी। हालांकि तमाम जांच और कागजात के आधार पर राजा बालिग मिला और सजा हुई। उन्होंने बताया कि दोनों को सजा होने के बाद दोषी आजाद उर्फ इस्माइल फरवरी 2023 को हाईकोर्ट पहुंच गया और अपने को नाबालिग होने की बात कहीं। इस पर हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट को एक माह में सुनवाई करने की बात कहीं। जिला कोर्ट ने दोबारा सुनवाई की और दोषी को बालिग माना।