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Gurugram News: संकरी सड़क पर जाम और जलभराव ने बढ़ाई सोसाइटियों की परेशानी
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- सोसाइटियों को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली 24 मीटर सड़कें नहीं बनने से लोग परेशान
- गांव की 10 मीटर चौड़ी सड़क से गुजरना बना मजबूरी
पूनम
गुरुग्राम। करोड़ों रुपये के फ्लैट में रहने वाले लोग अपने घरों से मुख्य रास्ते तक पहुंचने के लिए रोजाना संघर्ष करते हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे की अधिसंख्य सोसाइटियों लिए यह बड़ा मुद्दा है। जब लोगों ने यहां घर खरीदा तो सोसाइटी के साथ 24 मीटर की चौड़ी सड़क दिखाई गई। मगर जब रहने लगे तो पास के गांवों की 10 मीटर या इससे भी कम की पंचायती सड़क पर चलना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि रोजाना सैकड़ों गाड़ियां ऐसी सड़कों पर जाम में फंस जाती हैं। कुछ जगहों पर कच्ची सड़क बारिश में पानी से लबालब हो जाती है। द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसाइटियों के निवासियों ने सोसाइटियों को जोड़ने वाली सड़क के मुद्दे पर कई बार सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है। अब वे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की शरण लेने की तैयारी में हैं। इस पर पिछले दिनों एक बैठक भी हुई थी। लोग 10-10 सालों से सोसाइटी में रह रहे हैं, रोजाना तंग, कच्चे व दूसरी सोसाइटी के रास्ते से घर पहुंच रहे हैं। इस संबंध में सेक्टर 103 के इंडिया बुल्स पार्क सेंट्रम के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष गजेंद्र सिंह कहते हैं कि सोसाइटियों की हाउसिंग योजनाओं में इसकी जिम्मेदारी नहीं तय की गई है। यह एक बहुत बड़ी कमी है।
सोसाइटी में वर्ष 2014 से लोग रह रहे हैं। फ्लैट खरीदते समय समय 24 मीटर रोड दिखाया गया था। मगर आज दूसरी सोसाइटी की सड़क का प्रयोग करना पड़ रहा है। महज 300-400 मीटर की सड़क बन जाने से यहां के पांच स्कूल, पांच सोसाइटी और आसपास के 4-5 गांवों को फायदा होगा। - आलोक पांडेय, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रहेजा वेदांता, सेक्टर 108
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24 मीटर चौड़ी की आधी सड़क बिल्डर ने वर्ष 2014 में बना दी थी। मगर अब वह दोनों ओर से बंद है और उसकी हालत बद से बदतर होती जा रही है। हमें काफी घूम कर जाना पड़ता है। हम लोग जीएमडीए, मानेसर नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, एचएसवीपी सबसे गुहार लगा चुके हैं, मगर कोई समाधान नहीं निकल रहा है।
- अशोक मलिक, डीएलएफ न्यू टाउन हाइट्स सेक्टर 90
सोसाइटी में रहने वाले 1200 परिवार 24 मीटर सड़क नहीं होने से परेशान हैं। हमें दौलताबाद गांव से होकर जाना पड़ता है। एक पतली सड़क जो हमारी लाइफ लाइन है, ड्रेनेज निर्माण के कारण वह भी खोद दी गई। घर के पास आकर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
- सौरभ चौधरी, आरडब्ल्यूए महासचिव, इंडिया बुल्स पार्क सेंट्रम सेक्टर 103
गुरुग्राम में करोड़ों रुपये के फ्लैट खरीदकर लोग अपनी सोसाइटी तक पहुंचने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। सोसाइटियों के पास 24 मीटर सड़क का अभाव है। लोग कच्चे रास्ते या गांव के रेवेन्यू रास्ते से चलने को विवश हैं। हम लोगों ने सरकार से अनुरोध किया है कि वे योजना बनाकर 24 मीटर सड़क का निर्माण कराएं।
- सुनील सरीन, सह संयोजक, द्वारका एक्सप्रेस वे डेवलमेंट एसोसिएशन
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- गांव की 10 मीटर चौड़ी सड़क से गुजरना बना मजबूरी
पूनम
गुरुग्राम। करोड़ों रुपये के फ्लैट में रहने वाले लोग अपने घरों से मुख्य रास्ते तक पहुंचने के लिए रोजाना संघर्ष करते हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे की अधिसंख्य सोसाइटियों लिए यह बड़ा मुद्दा है। जब लोगों ने यहां घर खरीदा तो सोसाइटी के साथ 24 मीटर की चौड़ी सड़क दिखाई गई। मगर जब रहने लगे तो पास के गांवों की 10 मीटर या इससे भी कम की पंचायती सड़क पर चलना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि रोजाना सैकड़ों गाड़ियां ऐसी सड़कों पर जाम में फंस जाती हैं। कुछ जगहों पर कच्ची सड़क बारिश में पानी से लबालब हो जाती है। द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसाइटियों के निवासियों ने सोसाइटियों को जोड़ने वाली सड़क के मुद्दे पर कई बार सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है। अब वे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की शरण लेने की तैयारी में हैं। इस पर पिछले दिनों एक बैठक भी हुई थी। लोग 10-10 सालों से सोसाइटी में रह रहे हैं, रोजाना तंग, कच्चे व दूसरी सोसाइटी के रास्ते से घर पहुंच रहे हैं। इस संबंध में सेक्टर 103 के इंडिया बुल्स पार्क सेंट्रम के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष गजेंद्र सिंह कहते हैं कि सोसाइटियों की हाउसिंग योजनाओं में इसकी जिम्मेदारी नहीं तय की गई है। यह एक बहुत बड़ी कमी है।
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सोसाइटी में वर्ष 2014 से लोग रह रहे हैं। फ्लैट खरीदते समय समय 24 मीटर रोड दिखाया गया था। मगर आज दूसरी सोसाइटी की सड़क का प्रयोग करना पड़ रहा है। महज 300-400 मीटर की सड़क बन जाने से यहां के पांच स्कूल, पांच सोसाइटी और आसपास के 4-5 गांवों को फायदा होगा। - आलोक पांडेय, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रहेजा वेदांता, सेक्टर 108
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24 मीटर चौड़ी की आधी सड़क बिल्डर ने वर्ष 2014 में बना दी थी। मगर अब वह दोनों ओर से बंद है और उसकी हालत बद से बदतर होती जा रही है। हमें काफी घूम कर जाना पड़ता है। हम लोग जीएमडीए, मानेसर नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, एचएसवीपी सबसे गुहार लगा चुके हैं, मगर कोई समाधान नहीं निकल रहा है।
- अशोक मलिक, डीएलएफ न्यू टाउन हाइट्स सेक्टर 90
सोसाइटी में रहने वाले 1200 परिवार 24 मीटर सड़क नहीं होने से परेशान हैं। हमें दौलताबाद गांव से होकर जाना पड़ता है। एक पतली सड़क जो हमारी लाइफ लाइन है, ड्रेनेज निर्माण के कारण वह भी खोद दी गई। घर के पास आकर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
- सौरभ चौधरी, आरडब्ल्यूए महासचिव, इंडिया बुल्स पार्क सेंट्रम सेक्टर 103
गुरुग्राम में करोड़ों रुपये के फ्लैट खरीदकर लोग अपनी सोसाइटी तक पहुंचने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। सोसाइटियों के पास 24 मीटर सड़क का अभाव है। लोग कच्चे रास्ते या गांव के रेवेन्यू रास्ते से चलने को विवश हैं। हम लोगों ने सरकार से अनुरोध किया है कि वे योजना बनाकर 24 मीटर सड़क का निर्माण कराएं।
- सुनील सरीन, सह संयोजक, द्वारका एक्सप्रेस वे डेवलमेंट एसोसिएशन