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Gurugram News: अब तक सात... चिंटेल्स पैराडाइसो का सी-टावर भी असुरक्षित घोषित

Wed, 21 Aug 2024 04:35 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2024 04:35 AM IST
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Till now seven...C-Tower of Chintels Paradiso also declared unsafe
सीएसआईआर-सीबीआरआई की रिपोर्ट में रहने योग्य नहीं है सी-टावर
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एडिफिस कंपनी को सौंपा गया है चिंटेल्स के टावरों को ध्वस्त करने का काम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी का सी-टावर भी सुरक्षित नहीं है। संरचनात्मक ऑडिट करने वालीं कंपनियों ने इसे रहने के लिए अयोग्य करार दिया गया है। बिल्डर द्वारा अपने स्तर पर मेसर्स सीएसआईआर-सीबीआरआई को सी-टावर में संरचनात्मक ऑडिट का काम सौंपा गया था। कंपनी ने विगत 16 अगस्त को ही अपनी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट को संलग्न करते हुए बिल्डर कंपनी के एजीएम (कानूनी) राकेश कुमार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि खतरे की स्थिति को देखते हुए सी-टावर को तत्काल ही खाली कराया जाए। इसके साथ ही उनकी इस रिपोर्ट को भी तत्काल रिकॉर्ड पर लिया जाए।
एजीएम राकेश कुमार के अनुसार उन्होंने मेसर्स सीएसआईआर-सीबीआरआई को अपने इस प्रोजेक्ट के संरचनात्मक ऑडिट का काम सौंपा था। अब 16 अगस्त को कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि टावर-सी के गहन संरचनात्मक ऑडिट के बाद यह पता चला है कि उपरोक्त टावर संरचनात्मक रूप से ठीक नहीं है और रहने के लिए उपयुक्त नहीं है। जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव को इसकी जानकारी एक पत्र के माध्यम से देते हुए एजीएम ने मांग की है कि सीबीआरआई के निष्कर्षों और वर्तमान के जीवन के लिए इससे उत्पन्न होने वाले किसी दुर्घटना के स्पष्ट खतरे को ध्यान में रखते हुए सी-टावर को भी तत्काल खाली कराया जाए।
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शिफ्टिंग राशि के रूप में 40 हजार एकमुश्त देने की बात
चिंटेल्स पैराडाइसो के एजीएम कानूनी राकेश कुमार ने जिला प्रशासन को लिखे अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि सी-टावर को खाली करने वाले परिवारों को सामान शिफ्टिंग के लिए कंपनी 40 हजार रुपये एकमुश्त देने को तैयार है।
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अभी जे टावर में भी रह रहे हैं आठ परिवार
चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के जे टावर में रह रहे आठ परिवारों ने अभी फ्लैट खाली नहीं किए हैं। उनकी मांग है कि बिल्डर सामान शिफ्ट करने का 40 हजार रुपये और छह माह का एडवांस किराया दे। चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के आरडब्ल्यूए प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि जे टावर में 52 परिवार रहते थे। मौजूदा समय में यहां आठ परिवार रह रहे हैं। इन लोगों की मांग है कि उन्हें सामान शिफ्ट करने के लिए 40 हजार रुपये और छह माह का किराया दिया जाए। उन्होंने बताया कि पहले जो लोग फ्लैट खाली कर चुके हैं, उन्हें भी किराया नहीं मिल रहा है। ऐसे में जे टावर के लोगों के मन में आशंका है कि फ्लैट खाली करने के बाद अपनी जेब से किराया देना होगा।
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चिंटेल्स के पांच टावर को तोड़ने का चल रहा काम
सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के असुरक्षित पांच टावरों को तोड़ने काम चल रहा है। इसके तहत असुरक्षित टावरों से केंद्रीयकृत बिजली, पानी व फायर सिस्टम को निकालकर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके बाद एडिफिस कंपनी टावरों को तोड़ने का बड़े स्तर पर शुरू करेगी। चिटेल्स इंडिया के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि सुरक्षित टावर के लोगों के लिए बिजली, पानी और फायर सिस्टम जैसी सुविधाएं देनी हैं। ऐसे में असुरक्षित टावरों को तोड़ने से पहले इन सुविधाओं को बाहर किया जा रहा है।

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यह है मामला:
10 फरवरी 2022 को चिंटेल्स पैराडाइसो के डी-टावर में 6 फ्लैटों की छत गिर गई थी। इस हादसे में दो महिलाओं की जान चली गई थी। उस दौरान जिला प्रशासन से इस सोसाइटी की संरचनात्मक जांच आईआईटी दिल्ली से कराई तो इसमें डी, ई, एफ, जी और एच टावर रहने के लिहाज से असुरक्षित पाए गए थे। बाद में बिल्डर ने अपने स्तर पर सीबीआरआई से अपने बाकी टावरों की जांच करानी शुरू कर दी थी। पिछले दिनों जे टावर भी असुरक्षित पाया गया था। अब 16 अगस्त को जारी रिपोर्ट में सीबीआरआई ने सी टावर को भी असुरक्षित बताया है।
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